
*भारत की संस्कृति, अपनापन और परंपरा ने दिल जीत लिया*
*‘नमस्ते इंडिया अंतर्राष्ट्रीय युवा समागम’ में विदेशी युवाओं ने साझा किए यादगार अनुभव* *खंडवा जिले का बढ़ा विश्व पटल पर गौरव*
खण्डवा//
भारतीय संस्कृति की आत्मीयता, ग्रामीण जीवन की सादगी और परंपराओं की गरिमा ने एक बार फिर विश्व मंच पर भारत की विशिष्ट पहचान को सशक्त किया। लियो डिस्ट्रिक चेयर पर्सन हर्षा शर्मा ने बताया कि नमस्ते इंडिया यूथ कैम्प एंड एक्सचेंज प्रोग्राम की डिस्ट्रिक्ट 3233 G2 की चेयरपर्सन लायन शालिनी भार्गव के कुशल नेतृत्व में एवं कैम्प डायरेक्टर लायन राजेश सुख़मनी के निर्देशन में आयोजित २१ दिवसीय कार्यक्रम संयुक्त आयोजन लायंस इंटरनेशनल 3233 जी 1 एवं जी 2 के लियो डिस्ट्रिक्ट तत्वावधान में तीर्थस्थल ओंकारेश्वर के समीप स्थित एक निजी स्कूल परिसर में आयोजित ‘नमस्ते इंडिया अंतर्राष्ट्रीय युवा समागम’ हर्षा शर्मा ने बताया के दौरान इटली, ब्राज़ील और लिथुआनिया से आए अंतर्राष्ट्रीय लियो सदस्यों ने भारत में बिताए अपने अनुभवों को जीवनभर की अमूल्य स्मृति बताया।
लियो डिस्ट्रिक्ट माइक्रो चेयरपर्सन लायन हर्षा शर्मा के नेतृत्व में संपन्न इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में वैश्विक मैत्री, सांस्कृतिक समझ और अंतर्राष्ट्रीय नेतृत्व क्षमता का विकास करना रहा। कार्यक्रम के अंतर्गत 21 दिवसीय युवा नेतृत्व एवं सांस्कृतिक आदान–प्रदान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विदेशी युवाओं को भारत की समृद्ध परंपराओं, ग्रामीण संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराया गया।
*ग्रामीण भारत ने छोड़ी गहरी छाप*
इटली से आए लियो लुडोविको डे मेज़ो, लियो वेलेंटीना आर्तुडी एवं लियो कैमिला, ब्राज़ील से मार्को बासी तथा लिथुआनिया से लियो वेजस वैचियुनस ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारत का अतिथि सत्कार, अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव विश्व में अद्वितीय है।
ग्रामीण परिवेश, ट्रैक्टर सवारी, निमाड़ी लोकगीतों की प्रस्तुति और पारंपरिक दाल–बाटी जैसे स्वदेशी व्यंजनों ने उन्हें भारतीय जीवनशैली की आत्मा से जोड़ दिया।
*संस्कृति ही भारत की सबसे बड़ी ताकत*
अंतर्राष्ट्रीय अतिथियों ने कहा कि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि संस्कार, संवेदनशीलता और सहअस्तित्व की जीवंत संस्कृति है। यहां हर मुस्कान, हर स्वागत और हर परंपरा में अपनापन झलकता है। उन्होंने इस अनुभव को अपने जीवन का सबसे आत्मीय और प्रेरणादायक अध्याय बताया।
*वैश्विक नेतृत्व की दिशा में सशक्त पहल*
लायन क्लब अतुल्य के अध्यक्ष लायन प्रवीण शर्मा ने बताया कि इस समागम में 6 देशों से आए युवाओं की सहभागिता रही, जिससे अंतर्राष्ट्रीय संवाद, सांस्कृतिक समन्वय और वैश्विक मित्रता को नई दिशा मिली।
कार्यक्रम का सफल संचालन लियो नाजिम मलिक ने किया। यूथ कैंप एंड एक्सचेंज चेयरपर्सन शालिनी भार्गव के मार्गदर्शन में नेतृत्व विकास, व्यक्तित्व निर्माण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े सत्र भी आयोजित किए गए।
*मैत्री और आध्यात्मिकता का संगम बना पिन एक्सचेंज*
लायंस क्लब सनावद स्पार्कल के अध्यक्ष नाजिम मलिक एवं गुरप्रीत सिंह होरा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय लियो सदस्यों का पारंपरिक एवं आत्मीय स्वागत किया गया। उपाध्यक्ष मृदुल जैन ने आयोजन को अविस्मरणीय बताया।
इस अवसर पर लायन हर्षा शर्मा द्वारा लियो पिन एक्सचेंज कर अंतर्राष्ट्रीय मैत्री भाव को सुदृढ़ किया गया। साथ ही सभी अंतर्राष्ट्रीय अतिथियों को स्मृति-चिन्ह के रूप में आदियोगी शंकर भगवान की प्रतिमा भेंट की गई।
आदियोगी की प्रतिमा के दर्शन मात्र से ही कार्यक्रम स्थल का वातावरण आध्यात्मिक, शांत और ऊर्जावान हो गया। योग, आत्मचिंतन और आत्मबोध के प्रतीक इस स्मृति-चिन्ह ने विदेशी युवाओं को भारत की आध्यात्मिक परंपरा और चेतना से गहराई से जोड़ा।
*भविष्य के वैश्विक नेतृत्व की मजबूत नींव*
एल सी आई एफ डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर एम जे एफ लायन अनीता भाग चंद जैन जी ने कहा कि ऐसे अंतर्राष्ट्रीय आयोजन युवाओं को केवल सांस्कृतिक अनुभव ही नहीं देते, बल्कि उन्हें वैश्विक नेतृत्व, मानवीय मूल्यों और अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण के लिए तैयार करते हैं।
इस सफल आयोजन में लियो हर्षित कुमार गुप्ता, लियो अभय शर्मा, लियो सौम्या पटेल, लियो उदित सिंह ठाकुर, लियो नाज़िम मलिक, लियो फ़रहीन मलिक, लियो नरेंद्र सेन, लियो वीरेंद्र पटेल, लियो श्रीचंद मालवीय, लियो साजन सिंह सिसोदिया, लियो परसराम मालवीय, लियो वीरेंद्र चौहान, लियो पवन सिसोदिया, लियो शहबाज़ मलिक, लियो शीतल यादव, लियो दिशांत चौहान, लियो अरबाज़ मलिक, लियो अर्पिता सोनी एवं लियो विनायक सोनी की सक्रिय सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। सभी ने आयोजन की व्यवस्थाओं, अतिथि सत्कार एवं कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
लायंस क्लब सनावद स्नेह अध्यक्ष भागचंद जैन जी ने कहा‘नमस्ते इंडिया’ अंतर्राष्ट्रीय युवा समागम ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि भारत की संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, जो सीमाओं से परे जाकर पूरी दुनिया को संस्कार, संवाद और शांति के सूत्र में बांधती है।












