
राष्ट्रीय शूटिंगबॉल चैंपियनशिप में खंडवा के खिलाड़ियों का जलवा, बालिकाओं ने जीता कांस्य तो बालकों ने दिलाया रजत पदक।

खंडवा। जिले में हर विद्या में प्रतिभागियों की कमी नहीं है इन प्रतिभागियों को यदी अच्छा मंच और प्रशिक्षण मिल जाता है तो यह प्रतिभाएं खंडवा का नाम प्रदेश देश में रोशन करती हैं, हर्ष का विषय है कि आंध्र प्रदेश के बापतला जिले में आयोजित 44वीं राष्ट्रीय शूटिंगबॉल चैंपियनशिप 2025-26 में खंडवा जिले के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर जिले और मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता में खंडवा की बालिकाओं और बालकों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल किए।
अंडर-17 एवं अंडर-19 बालिका वर्ग में खंडवा जिले से सोनू डावर (कप्तान), सुनयना पचौरे (उपकप्तान) और प्राची मालाकार का चयन मध्यप्रदेश टीम में हुआ था। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश बालिका टीम को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में तृतीय स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वहीं बालक वर्ग में तालिब खान (कप्तान), आकाश पाटिल, युवराज सिंह राजपूत, दुर्गेश दानी, अनस खान और विकास भार्गव ने मध्यप्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार खेल का प्रदर्शन किया। उनकी मेहनत और टीम भावना के दम पर मध्यप्रदेश बालक टीम ने द्वितीय स्थान हासिल कर रजत पदक अपने नाम किया।
इस उपलब्धि के पीछे वरिष्ठ कोच श्रीमती हेमलता चटवानी और कोच-मैनेजर ममता तिवारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही राजेन्द्र नायडू (वरिष्ठ कोच), अमित जांगिड़ (सहायक कोच एवं सचिव) और तेजपाल महाजन (जिला वॉलीबॉल सचिव) ने भी खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में अहम भूमिका निभाई।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद खंडवा लौटने पर खेल प्रकोष्ठ द्वारा सभी खिलाड़ियों का सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर खेल एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
खिलाड़ियों की इस सफलता पर मंगल यादव, आशीष चटकले, दिनेश पालीवाल, समाजसेवी सुनील जैन, मनीषा पाटिल, , देवेंद्र वर्मा, पिंकी वानखेड़े, रूपसिंह कलेश, संतोष जैन, अक्षत जैन एवं प्रियांशी कनाडे सहित जिले के खेल प्रेमियों और अभिभावकों ने खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए हर्ष व्यक्त किया। खंडवा के खिलाड़ियों की यह उपलब्धि जिले में खेल प्रतिभाओं के उभरते स्तर का प्रमाण है और आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।












