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इंसानियत की मिसाल: लाचार बुजुर्ग का सहारा बने डॉक्टर और एमआर, गैंग्रीन से जूझ रहे चंपालाल को दिलाया उपचार।

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इंसानियत की मिसाल: लाचार बुजुर्ग का सहारा बने डॉक्टर और एमआर, गैंग्रीन से जूझ रहे चंपालाल को दिलाया उपचार।

न परिवार, न ठिकाना… खंडवा में सेवा भाव से आगे आए डॉक्टर अनिल पटेल और उनकी टीम, जिला अस्पताल में कराया भर्ती।

खंडवा। जिसका कोई नहीं उसका तो खुदा है यारों, यह गीत की कड़ी खंडवा दादा जी की नगरी में सार्थक हुई। आज के दौर में जहां इलाज अक्सर आर्थिक स्थिति पर निर्भर हो जाता है, वहीं खंडवा में मानवता और सेवा का एक प्रेरणादायी उदाहरण सामने आया है। एक लाचार और बेसहारा बुजुर्ग की पीड़ा को देखकर शहर के चिकित्सक डॉ. अनिल पटेल और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) साथियों ने न केवल उनका उपचार शुरू कराया, बल्कि भोजन, दवाइयों और अस्पताल में भर्ती तक की पूरी जिम्मेदारी उठाकर इंसानियत की अनूठी मिसाल पेश की। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि समाज सेवा के मामले मे हमारे दादाजी की नगरी खंडवा अव्वल है,
राजस्थान के जालौन क्षेत्र निवासी चंपालाल जैन लंबे समय से अकेले देशभर में भ्रमण कर भगवान महावीर के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार करते हुए सादा जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उनका कोई पारिवारिक सहारा नहीं है और रेलवे स्टेशन व सार्वजनिक स्थान ही उनका आश्रय बने हुए हैं। करीब दो माह पहले उनके पैर में चोट लगी, जो समय पर उपचार नहीं मिलने से गंभीर संक्रमण और गैंग्रीन में बदल गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पैर काटने तक की नौबत आ सकती थी।

डॉ. अनिल पटेल बने सहारा

समाज सेवी सुनील जैन ने बताया कि चंपालाल जैन की स्थिति देखकर सेवा का भाव लेकर डॉ. अनिल पटेल ने तत्काल उनका प्राथमिक उपचार किया। लगातार तीन दिन तक उनकी देखभाल, भोजन और दवाइयों की व्यवस्था की गई। जब हालत अधिक गंभीर लगी तो उन्होंने अपनी टीम के सहयोग से बुजुर्ग को नंदकुमार सिंह चौहान शासकीय चिकित्सालय, खंडवा में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है।

डॉ. पटेल ने बताया कि जब उन्होंने चंपालाल जैन की स्थिति देखी तो महसूस हुआ कि केवल प्राथमिक उपचार पर्याप्त नहीं होगा। उनके पास न रहने की व्यवस्था थी और न ही कोई देखभाल करने वाला, इसलिए बेहतर इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी था।

एमआर साथियों ने निभाई परिवार की भूमिका

समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि इस सेवा कार्य में डॉ अनिल पटेल के साथ ही भूरू यादव, विक्रम सिंह दागी, अनीश यादव, रोहित करोड़ी सहित अन्य मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव भी पूरी निष्ठा के साथ जुड़े हुए हैं। सभी ने मिलकर बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने से लेकर उनकी देखभाल और आवश्यक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली।

टीम के सदस्यों ने कहा कि “मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। चंपालाल जी का कोई अपना नहीं है, इसलिए अब हम ही उनका परिवार हैं। जब तक आवश्यकता होगी, उनकी सेवा करते रहेंगे।”

समाज के लिए प्रेरणा बनी पहल

चंपालाल जैन भगवान महावीर के सिद्धांतों पर चलने वाले व्यक्ति हैं और जीवनभर सेवा, अहिंसा तथा सद्भाव का संदेश देते रहे हैं। आज जब वे स्वयं कठिन परिस्थितियों में हैं, तब खंडवा के डॉक्टर और युवाओं ने उनकी सेवा कर यह संदेश दिया है कि समाज में संवेदनशीलता और इंसानियत आज भी जीवित है।

यह पहल केवल एक जरूरतमंद बुजुर्ग की मदद भर नहीं, बल्कि समाज के लिए यह संदेश भी है कि यदि सेवा का भाव हो तो किसी की जिंदगी में नई उम्मीद जगाई जा सकती है।

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