
वन क्षेत्र में अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वनमंडलाधिकारी (DFO) के कुशल मार्गदर्शन एवं परिक्षेत्र अधिकारी (Ranger) गौरेला के नेतृत्व में ग्राम पड़वानिया में वन भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ त्वरित संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई की गई। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है।संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर की कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन विभाग को ग्राम पद्वनिया के अंतर्गत आने वाली सरकारी वन भूमि पर कुछ ग्रामीणों द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तुरंत एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर मुख्य रूप से परिसर रक्षक श्रीकांत राजपूत, वन रक्षक गिरधर, वन रक्षक सूर्यकांत रात्रे सहित वन विभाग की विशेष रेस्क्यू टीम और पुलिस प्रशासन का बल भारी संख्या में मौजूद रहा। टीम ने बिना कोई वक्त गंवाए अतिक्रमण को मौके से हटाया।
भविष्य में होगी जेल की हवा, ग्रामीणों को दी सख्त समझाइश
कार्रवाई के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों की एक बैठक ली। अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को कड़ी समझाइश दी गई कि राष्ट्रीय संपत्ति और वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वन विभाग ने स्पष्ट और कड़ा संदेश देते हुए कहा:
भविष्य में इस प्रकार के अवैध कृत्यों की पुनरावृत्ति (दोहराव) बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई दोबारा वन भूमि को नुकसान पहुंचाते या अतिक्रमण करते पाया गया, तो बिना किसी रियायत के उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे वनों की रक्षा में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत नजदीकी वन चौकी को सूचित करें।











