
*बेटियां सृष्टि की सप्त शक्ति और आत्मिक चेतना की वाहक**—बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’ से होता है उनका दिव्य सामर्थ्य प्रखर” — प्रवीण शर्मा*

खंडवा। बाल दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट विद्यालय में जिले की मेधावी बालिकाओं के सम्मान हेतु भव्य समारोह का आयोजन किया गया। बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत छात्राओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई, जिससे बालिकाओं में शिक्षा और आत्मविश्वास को नई दिशा मिली।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी पी. एस. सोलंकी, एपीसी संगीता सोनवाने, रायचंद नागड़ा स्कूल के प्राचार्य भूपेंद्र चौहान, न्यायपीठ बाल कल्याण समिति खंडवा के अध्यक्ष एवं प्रथम वर्ग श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट समकक्ष प्रवीण शर्मा, परियोजना कार्यालय खंडवा ग्रामीण से श्वेता चौहान, जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय से शीतल शर्मा सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान कक्षा 10वीं की मेरिट सूची में चयनित छात्राओं को ₹5,000 तथा कक्षा 12वीं की मेरिट सूची में चयनित छात्राओं को ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
ये छात्राएं हुईं सम्मानित
कक्षा 10वीं टॉप 10:
छवि, तन्वी, मिहिका, भावना, कुमकुम, अलशिफा, सोनम, आयशा, विद्या और भूमि।
कक्षा 12वीं टॉप 10:
भूमि, दीक्षा, अक्षरा, आंचल, प्रार्थना, आयुषी, झील, रिशिता और मुस्कान।
प्रवीण शर्मा ने दिया प्रेरक उद्बोधन
समारोह में संबोधित करते हुए प्रवीण शर्मा ने कहा कि “बच्चे ईश्वर का साकार रूप हैं और बालिकाएं सृष्टि की सप्त शक्ति एवं आत्मिक चेतना की वाहक होती हैं। जब उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और अवसर मिलते हैं, तब उनका दिव्य सामर्थ्य समाज में प्रकाश बनकर प्रस्फुटित होता है। ‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’ जैसी पहल इसी जागृति को सशक्त बनाती है।”
उन्होंने कहा कि सम्मानित सभी बालिकाएं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं और उनकी उपलब्धियाँ अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेंगी।













