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मार्केटप्लेस साक्षरता पर दो-दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन

आईआईटी भिलाई और शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय मार्केटप्लेस साक्षरता कार्यशाला का समापन बुधवार को हुआ। शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय, जगदलपुर के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला के अंतिम दिन प्रशिक्षण ले रहीं स्वसहायता समूह की महिलाओं ने ग्रुप बनाकर अपने-अपने बिजनेस आईडिया को लेकर संचार चित्र बनाए। ड्राइंग शीट पर बनाए मॉडल में महिलाओं ने बस्तर में कई प्रकार के ग्रामीण स्टार्टअप प्रारंभ किए जाने की संभावनाओं की नई जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रतिभागियों ने व्यवसाय में व्यवहार और सिद्धांत के आधार पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए को लेकर सूची बनाई। अपने बिजनेस व प्रोडक्ट को लेकर चित्र, डिजाईन और संदेश बनाए। कार्यशाला में एनआरएलएम व एसएलआरएम से जुड़ी बस्तर संभाग के 400 स्वसहायता समूह की महिलाओं ने पूरे मनोयोग से व्यवसायिक बारीकियों को समझा। सभी ने अपने समूह की कमजोरियों और मजबूती पर भी अपने विचार रखे।

इस दौरान प्रमुख रिसोर्स पर्सन लांस एंजिल्स, अमेरिका के लोयोला मैरीमाउंट यूनिवर्सिटी के प्रो. मधु विश्वनाथन ने बताया कि बिजनेस में ग्राहक बहुत महत्वपूर्ण होता है। एक लाभदायी व्यवसाय के लिए ग्राहक को समझना बहुत जरूरी है। जब आप अपने व्यवसायिक लेन-देन में ग्राहक के प्रति ईमानदार होते हैं और ग्राहक के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करते हैं, उन्हें धोखा नहीं देते हैं तो ग्राहक एक बार ही प्रोडक्ट का मूल्य नहीं देते बल्कि वे आप पर विश्वास कर आगे भी जुड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि व्यवसाय प्रारंभ से पूर्व ग्राहकों के व्यवहार व उनके जरूरत के साथ व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा, उत्पाद के डिजायन और मांग पर भी रिसर्च किया जाना चाहिए। प्रो. विश्वनाथन ने बताया कि तंजानिया जैसे छोटे देश की तरह भारत में भी अधिकतम लोग उद्यमिता को लेकर प्रयास कर सकते हैं।

समापन सत्र में कुलपति प्रो. एमके श्रीवास्तव ने कहा कि एनएलआरएम और एसएलआरएम के माध्यम से सरकार ने आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए बड़ी कोशिश की है। स्वसहायता समूह की महिलाओं के व्यवसायिक दृष्टिकोण से स्थानीय व्यवसाय को उल्लेखनीय उन्नति मिलेगी।

समापन सत्र में एसएलआरएम के संयुक्त मिशन संचालक आरके झा, मनोज मिश्रा, नीलेश लाखेरानी व राजकुमार देवांगन सहित अन्य उपस्थित थे। इस दो दिवसीय आयोजन में डॉ. तूलिका शर्मा, डॉ. समीर ठाकुर, डॉ. दुर्गेश डिक्सेना, डॉ. तेजबहादुर चंद्रा, डॉ. डिगेश्वर साहू, डॉ. देवेंद्र मरावी, डॉ. कुश नायक, डॉ. नीरज कुमार वर्मा, डॉ अनुष्का आतरम एवं शिवम सोनवानी, आईआईटी भिलाई के मुख्य तकनीकी अधिकारी विष्णु वैभव द्विवेदी, मिस आंचल, श्री शुभम एवं छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संकुलस्तरीय पदाधिकारी एवं उद्यमिता से जुड़े कैडर नेेे सक्रिय सहभागिता दी। कार्यशाला का संचालन डॉ रश्मि देवांगन ने की।

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