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विधायक के अपने ही गांव ‘नानकार’ में विकास लापता: राष्ट्रीय सचिव राम बहादुर ने खोला मोर्चा

मिलक-शाहबाद। विधानसभा 38 मिलक-शाहबाद में विकास के दावों की जमीनी हकीकत उस वक्त उजागर हो गई, जब समाजवादी अम्बेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव राम बहादुर ने क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण इलाकों का सघन दौरा किया। इस भ्रमण के दौरान सबसे चौंकाने वाली स्थिति मौजूदा भाजपा विधायक राजवाला जी के ग्राम नानकार में देखने को मिली।
भ्रमण के दौरान राम बहादुर ने पाया कि विधायक का अपना गांव ही मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। मौके से साझा की गई तस्वीरें सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता और स्थानीय जनप्रतिनिधि की अनदेखी का जीवंत प्रमाण हैं।
तस्वीरों में कैद बदहाली की दास्तां:
अधूरा निर्माण और लापरवाही: गांव के बीचों-बीच जल जीवन मिशन मे लगी पानी की टंकी वर्षों से अधूरी खड़ी है। लोहे की छड़ें और लकड़ी की बल्लियां सड़ रही हैं, जो न केवल सरकारी धन की बर्बादी है बल्कि स्थानीय बच्चों और पशुओं के लिए बड़ा खतरा भी है।
गंदगी के अंबार: गांव के रास्तों और रिहायशी इलाकों के पास कूड़े-करकट के ढेर लगे हुए हैं। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण कीचड़ और गंदगी से संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
पशुओं की दुर्दशा: तस्वीरों में देखा जा सकता है कि आवारा और पालतू पशु गंदगी के बीच बैठने को मजबूर हैं, जिससे गांव की स्वच्छता व्यवस्था की पोल खुल रही है।
“जनता को गुमराह कर रही सरकार”
मीडिया से बातचीत करते हुए राम बहादुर ने कहा, “यह बेहद शर्मनाक है कि जो विधायक पूरी विधानसभा के विकास का दम भरती हैं, उनके अपने ही गांव में विकास का कोई नामो-निशान नहीं है। जब अपनों का गांव ही बदहाली के आंसू रो रहा है, तो बाकी विधानसभा क्षेत्र की स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।”
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार केवल विज्ञापनों में विकास दिखा रही है, जबकि धरातल पर जनता आज भी कीचड़, गंदगी और अधूरे प्रोजेक्ट्स के बीच जीने को मजबूर है। राम बहादुर ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नानकार समेत अन्य गांवों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो समाजवादी अम्बेडकर वाहिनी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी।

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