
अखिल भारतीय खटीक समाज सहित सकल हिन्दू समाज ने दिल्ली के तरुण की निर्मम हत्या के विरोध में सौंपा कलेक्टर को ज्ञापन
खण्डवा//

अखिल भारतीय खटीक समाज खंडवा के जिलाअध्यक्ष चंद्रशेखर वर्मा ने बताया कि दिल्ली में तरुण खटीक नामक युवक की निर्मम हत्या की घटना ने सम्पूर्ण हिन्दू समाज को अत्यंत व्यथित एवं आक्रोशित किया है। यह घटना केवल एक युवक की हत्या नहीं है. बल्कि समाज में बढ़ रही कट्टरपंथी जिहादी मानसिकता का गंभीर उदाहरण भी है, जो देश की सामाजिक समरसता, शांति एवं कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही है देश के अनेक जिलों एवं नगरों से यह चिंता व्यक्त की जा रही है कि कुछ स्थानों पर कट्टरपंथी जिहादी मानसिकता से प्रभावित तत्वों द्वारा हिन्दू परिवारों को निरंतर भय और दबाव के वातावरण में रखा जा रहा है कई क्षेत्रों में ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं कि हिन्दू परिवारों को अपने घर-मोहल्ले छोड़कर पलायन तक करने को विवश हो रहे हैं। यह स्थिति देश की एकता, अखंडता और सामाजिक संतुलन के लिए अत्यंत चिंताजनक है भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) एवं अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) प्रदान करता है। ऐसी घटनाएँ इन मौलिक अधिकारों का प्रत्यक्ष उल्लंघन हैं तथा कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती प्रस्तुत करती हैं अखिल भारतीय खटीक समाज सहित सर्व हिन्दू समाज, की ओर से निम्नलिखित मांगो को लेकर महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपा गया
दिल्ली में तरुण खटीक की हत्या की घटना की निष्पक्ष, त्वरित एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए,हत्या में शामिल सभी दोषियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा-103 (हत्या) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत कठोरतम कानूनी कार्यवाही की जाए,इस जघन्य अपराध में शामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाते हुए उन्हें कठोरतम दंड. अर्थात फांसी की सजा दिलाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के जघन्य अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश जाए,यदि इस घटना में किसी प्रकार की कट्टरपंथी अथवा आतंकी मानसिकता के प्रमाण मिलते हैं तो दोषियों के विरुद्ध गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम – UAPA सहित कठोर कानूनों के अंतर्गत कार्रवाई की जाए देश के विभिन्न जिलों एवं नगरों में जहाँ इस प्रकार की कट्टरपंथी गतिविधियों के कारण सामाजिक तनाव या पलायन की स्थिति बन रही है वहाँ केंद्रीय एवं राज्य स्तर पर विशेष निगरानी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ऐसी कट्टरपंथी मानसिकता पर रोक लगाने हेतु कठोर कानूनी प्रावधानों एवं सख्त प्रशासनिक कार्यवाही को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता, सुरक्षा प्रदान की जाए तथा उन्हें शीघ्र न्याय दिलाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए देश में शांति, सद्भाव और कानून व्यवस्था बनाए रखना शासन-प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। ऐसी घटनाओं पर कठोर और निर्णायक कार्यवाही ही समाज में विश्वास एवं सुरक्षा की भावना को मजबूत कर सकती है इस गंभीर विषय को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक एवं कठोर कार्यवाही करने की जाए अन्यथा अखिल भारतीय खटीक समाज सहित एवं सकल हिन्दू समाज पूरे देश भर में उग्र आंदोलन करने की ओर बाध्य होगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी इस दौरान बड़ी संख्या में अखिल भारतीय खटीक समाज सहित सकल हिन्दू समाज के लोग उपस्थित रहे।











