
पंधाना विधायक की पहल से जिला स्तरीय ‘जनजातीय गौरव दिवस’ का भव्य आयोजन,
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उमड़ा जनसमूह, मुख्य अतिथि के रूप में सांसद श्री पाटिल हुए शामिल।
खंडवा। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के समापन वर्ष पर पूरे जिले में “जनजातीय गौरव दिवस” 15 नवंबर को अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस ऐतिहासिक अवसर का उद्देश्य जनजातीय समाज के वीरों के संघर्ष, बलिदान, सांस्कृतिक धरोहर तथा स्वतंत्रता संग्राम में उनके अद्वितीय योगदान को जन–जन तक पहुँचाना रहा।
समाजसेवी व सांसद प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि इस जिला स्तरीय कार्यक्रम का मुख्य आयोजन पंधाना के सांदीपनि विद्यालय परिसर में किया गया, मुख्य अतिथि के रूप में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल शामिल हुए जिसकी रूपरेखा एवं सफल संचालन में पंधाना विधायक छाया मोरे की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। शुरुआत में यह सिर्फ खंड स्तरीय कार्यक्रम था, किंतु जैसे ही जिला प्रशासन द्वारा आयोजन स्थल पुनः निर्धारित किया गया, छाया मोरे ने सतत प्रयास, प्रशासनिक संवाद और मजबूत पहल करते हुए पंधाना को जिला स्तरीय समारोह का केंद्र बनवाने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और समन्वय के बाद ही यह निर्णय लिया गया कि जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम पंधाना में ही आयोजित होगा। प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11 बजे किया गया। इस अवसर पर जिलेभर से जनजातीय समाज, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन द्वारा घोषित सूची अनुसार सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने भगवान बिरसा मुंडा के योगदान, जनजातीय संघर्ष की परंपरा और वर्तमान समय में जनजातीय क्षेत्रों में विकास पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि “जनजातीय गौरव दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि ऐतिहासिक स्मरण और नई पीढ़ी को जागरूक करने का महोत्सव है।” उन्होंने बिरसा मुंडा के मूल विचार—जल, जंगल और जमीन की रक्षा—को आज की आवश्यकता बताया। कार्यक्रम में पारंपरिक जनजातीय नृत्य दलों द्वारा प्रस्तुत किए गए गायन, वादन और लोकनृत्य सभी का केंद्र बिंदु रहे। मंच से जनजातीय संस्कृति, कला, परंपराओं और आधुनिक समय में जनजातीय समाज के सशक्तिकरण पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जनजातीय व्यक्तियों को मंच पर सम्मानित भी किया गया। सुनील जैन ने बताया कि आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, पंधाना विधायक छाया मोरे और कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े, सेवादास पटेल, हरीश कोटवाले, फकीरचंद कुशवाहा, श्याम गंगराड़े, हिमांशु प्रजापति, मुकेश जायसवाल, सुनील जैन, शैलेश राठौर, राजेश राठौर, रघुनाथ महाजन, मुबारिक खान, यश मालवीया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे। समूचा कार्यक्रम पंधाना विधायक छाया मोरे की सक्रिय निगरानी, नेतृत्व और प्रबंधन के कारण अत्यंत भव्य, अनुशासित एवं यादगार रहा। जनजातीय समाज और स्थानीय नागरिकों ने उनके इस महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पंधाना पहली बार इतने बड़े पैमाने पर जिला स्तरीय आयोजन का केंद्र बना है। यह आयोजन न सिर्फ जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण प्रदर्शन था, बल्कि भविष्य के लिए जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश भी देता है।
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उमड़ा जनसमूह, मुख्य अतिथि के रूप में सांसद श्री पाटिल हुए शामिल।
खंडवा। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के समापन वर्ष पर पूरे जिले में “जनजातीय गौरव दिवस” 15 नवंबर को अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस ऐतिहासिक अवसर का उद्देश्य जनजातीय समाज के वीरों के संघर्ष, बलिदान, सांस्कृतिक धरोहर तथा स्वतंत्रता संग्राम में उनके अद्वितीय योगदान को जन–जन तक पहुँचाना रहा।
समाजसेवी व सांसद प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि इस जिला स्तरीय कार्यक्रम का मुख्य आयोजन पंधाना के सांदीपनि विद्यालय परिसर में किया गया, मुख्य अतिथि के रूप में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल शामिल हुए जिसकी रूपरेखा एवं सफल संचालन में पंधाना विधायक छाया मोरे की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। शुरुआत में यह सिर्फ खंड स्तरीय कार्यक्रम था, किंतु जैसे ही जिला प्रशासन द्वारा आयोजन स्थल पुनः निर्धारित किया गया, छाया मोरे ने सतत प्रयास, प्रशासनिक संवाद और मजबूत पहल करते हुए पंधाना को जिला स्तरीय समारोह का केंद्र बनवाने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और समन्वय के बाद ही यह निर्णय लिया गया कि जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम पंधाना में ही आयोजित होगा। प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11 बजे किया गया। इस अवसर पर जिलेभर से जनजातीय समाज, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन द्वारा घोषित सूची अनुसार सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने भगवान बिरसा मुंडा के योगदान, जनजातीय संघर्ष की परंपरा और वर्तमान समय में जनजातीय क्षेत्रों में विकास पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि “जनजातीय गौरव दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि ऐतिहासिक स्मरण और नई पीढ़ी को जागरूक करने का महोत्सव है।” उन्होंने बिरसा मुंडा के मूल विचार—जल, जंगल और जमीन की रक्षा—को आज की आवश्यकता बताया। कार्यक्रम में पारंपरिक जनजातीय नृत्य दलों द्वारा प्रस्तुत किए गए गायन, वादन और लोकनृत्य सभी का केंद्र बिंदु रहे। मंच से जनजातीय संस्कृति, कला, परंपराओं और आधुनिक समय में जनजातीय समाज के सशक्तिकरण पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जनजातीय व्यक्तियों को मंच पर सम्मानित भी किया गया। सुनील जैन ने बताया कि आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, पंधाना विधायक छाया मोरे और कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े, सेवादास पटेल, हरीश कोटवाले, फकीरचंद कुशवाहा, श्याम गंगराड़े, हिमांशु प्रजापति, मुकेश जायसवाल, सुनील जैन, शैलेश राठौर, राजेश राठौर, रघुनाथ महाजन, मुबारिक खान, यश मालवीया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे। समूचा कार्यक्रम पंधाना विधायक छाया मोरे की सक्रिय निगरानी, नेतृत्व और प्रबंधन के कारण अत्यंत भव्य, अनुशासित एवं यादगार रहा। जनजातीय समाज और स्थानीय नागरिकों ने उनके इस महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पंधाना पहली बार इतने बड़े पैमाने पर जिला स्तरीय आयोजन का केंद्र बना है। यह आयोजन न सिर्फ जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण प्रदर्शन था, बल्कि भविष्य के लिए जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश भी देता है।









