
ओंकार बाग मंदिर मोरटक्का में कलशाभिषेक क्षमावाणी महोत्सव सम्पन्न।
ओंकारबाग में परम्परा का सम्मान- उत्तम क्षमा सबसे बड़ा धर्म, मुनिश्री विश्वसूर्यजी
खण्डवा/मोरटक्का। ओंकार बाग दिगम्बर जैन मंदिर में कलशाभिषेक व सामूहिक क्षमावाणी का आयोजन पूज्य मुनि श्री विश्वसूर्य सागर जी मुनिश्री साध्य सागर जी महाराज के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। मुनि श्री के सान्निध्य में सनावद से मोरटक्का तक श्रमण संस्कृति संवर्धन यात्रा प्रातःकाल मोरटक्का पहुंची, मुनि संघ का पाद प्रक्षालन रायबहादुर सेठ ओकार जी कस्तूरचंद जी पारमार्थिक संस्था के मंत्री आशीष चौधरी व कार्यक्रम समन्वयक राजेन्द्र जैन महावीर, प्रबंधक राकेश जैन काला परिवार , विकास कुमार जैन, रौनक जैन पवन गोधा आदि ने किया।
पूर्वजों के प्रति सम्मान का भाव होना चाहिये- मुनि श्री
निमाड़ क्षेत्र के श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए मुनि श्री विश्वसूर्य जी महाराज ने कहा कि जैन धर्म में पर्युषण पर्व को महान पर्व के रूप में माना गया है क्षमा धर्म से शुरू हुए पर्व का समापन उत्तम क्षमा के रूप में होता है। उत्तम क्षमा सबसे बड़ा धर्म है। ओकार बाग का निर्माण यात्रियों के विश्राम के लिए हुआ था, सेठ जी के भाव पवित्र थे, उनके पवित्र भाव का फल है कि यहां ये से गुजरने वाले मुनि संघ भी यहाँ रुकते हैं, कासलीवाल परिवार प्रतिवर्ष यह आयोजन करता है यह पूर्वजों के प्रति उनका सम्मान भाव है। जो होना चाहिये समाजजनों को यहाँ आकर अपनी श्रद्धा का अर्घ्य समर्पित करना चाहिये। समाज के सुनील जैन प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि आयोजित कार्यक्रम में स्व. जैन रत्न देवकुमार सिहं, स्व. अजित कुमार सिंह , स्व. प्रदीप कुमार सिहं कासलीवाल की स्मृति में उपवास करने वालों को संयम-अनुराग-साग अनुमोदना वात्सल्य सम्मान प्रदान किये गए। आचार्यश्री वर्धमान सागर जी, आचार्यश्री विराग सागर जी, आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन संस्था अध्यक्ष अमित कासलीवाल, मंत्री आशीष चौधरी कोषाध्यक्ष आदित्य कासलीवाल, पुष्पा कासलीवाल , डा अनुपमा जैन परिवार ने किया। मंगलाचरण प्रदीप पंचोलिया पूजन संगीता पाटोदी ने कराया। संचालन राजेन्द्र जैन महावीर ने किया। आभार आशीष चौधरी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश मंडलेश्वर दीपक चौधरी भी उपस्थित थे
*कलश यात्रा और मंत्र साधना हुई*
सुनील जैन ने बताया कि मुनि संघ के सानिध्य में कलश यात्रा निकाली गई, मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज ने सर्वोच्च गणिनी आर्यिका ज्ञानमती माताजी के स्वास्थ्य लाभ हेतु मंत्र साधना कराई गई। दि. जैन महासमिति द्वारा लकी ड्रा खोला गया, ध्वजारोहण, मंगल आरती भक्ति, नृत्य , वात्सल्स क्षमावाणी पर्व मनाया।













