
सभी के कल्याण के लिए पहली बार आयोजित हुआ 48 दिवसीय भक्तांबर पाठ अनुष्ठान।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या में 48 दीपों से भक्तांबर पाठ एवं भव्य दीप महोत्सव एक शाम धर्म एवं देश के नाम।
खंडवा। विश्व में शांति एवं सभी के कल्याण हेतु बजरंग चौक स्थित दिगंबर महावीर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तांबर पाठ का आयोजन 25 जनवरी को संपन्न हुआ। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि नगर में पहली बार आचार्य विद्यासागर जी के आशीर्वाद एवं पूर्णमति माताजी के मार्गदर्शन में यह अनुष्ठान आयोजित हुआ। जिसमें कई परिवारों ने 48 दिन मंदिर में उपस्थित होकर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। भक्तामर स्तोत्र आचार्य मानतुंग द्वारा रचित एक अत्यंत प्रभावशाली जैन स्तोत्र है, जिसमें 48 श्लोक हैं। यह प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) को समर्पित है। मान्यता है कि इसे सुबह (सूर्योदय से पहले) 15 मिनट तक एकाग्रता से पढ़ने से भाग्य में वृद्धि, दुखों का नाश, भयों से मुक्ति और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
भक्तामर स्तोत्र रचनाकार
आचार्य मानतुंग द्वारा 4-5वीं शताब्दी के आसपास लिखा गया। भगवान आदिनाथ की स्तुति और रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति इस पाठ में समाहित हें।
यह स्तोत्र चमत्कारी माना जाता है और इसे नियमित पढ़ने से घर में सुख, समृद्धि और शांति आती है। सुबह स्नान के बाद (भोर में) करना सर्वोत्तम माना जाता है, जिससे नकारात्मकता दूर होती है, बाधाओं, रोगों, भय और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि 48 दिवसीय भक्तांबर पाठ का आयोजन समाज के अध्यक्ष दिलीप पहाड़ियां एवं धासपुरा महिला मंडल द्वारा संपादित हुआ। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि नगर में पहली बार आयोजित 48 दिवसीय भक्तांबर पाठ के समापन के अवसर पर 25 जनवरी को प्रातः विश्व शांति हेतु भक्तांबर मंडल विधान की पूजा आयोजित हुई जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साह से भाग लेकर अध्यृ चढ़ाये। वही गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर एक शाम धर्म एवं देश के नाम शाम 7:00 बजे देश खुशहाल रहे संपन्न रहे देश में शांति रहे इसलिए भक्तामर पाठ के वाचन के साथ हजारों दीप देश की संपन्नता के लिए एवं समाज की संपन्नता के लिए महामंत्रों के साथ प्रज्वलीत किये, महावीर दिगंबर जिनालय घासपुरा प्रांगण मैदान में 3000 दीपकों के साथ भक्तामर स्तोत्र का 48 दिवस विधान का समापन हुआ। इसमें मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि मुकेश तनवे, अशोक पालीवाल, अभय चोपड़ा, अनीश अरझरे थे। अपने उद्बोधन में मुकेश तनवे, अशोक पालीवाल ने कहा कि संसार में जैन धर्म काफी प्राचीन धर्म में से एक है, जो अहिंसा और अपरिग्रह के सिद्धांतों पर आधारित है। अहिंसा के माध्यम से सभी जीवो की रक्षा धर्म का मूल मंत्र है। इस प्रकार के अनुष्ठान से धर्म और संस्कृति का ज्ञान हम सबको रहता हें। इस कार्यक्रम में भक्तामर स्तोत्र के तीर्थ यात्रा ड्रा सिस्टम में भगवान श्री राम एवं आदिनाथ भगवान की जन्मस्थली की यात्रा सपना जितेंद्र सुरेश लुहाड़िया,अभय चोपड़ा परिवार द्वारा कराई जाएगी। ड्रा मे निकले नाम श्रीमती निर्मला छाबड़ा देवास, सीमा लुहाड़िया, बबीता लुहाड़िया, दीपक सेठी,उमाजी गंगवाल को तीर्थ यात्रा का सौभाग्य प्राप्त हुआ। अध्यक्ष दिलीप पहाड़िया सचिव सुनील जैन एवं समाज जन की उपस्थिति में कार्यक्रम में देशभक्ति गीत में संजय पंचोलिया, नीता अमर लुहाड़िया ,नीतू राजेश जैन , सुनील टोलीवाल ,अशोक जैन, भरत जैन साथियों के द्वारा भजन एवं देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए गए। अतिथियों का स्वागत दिलीप पहाड़िया, सचिव सुनील जैन, पवन रावका, सुरेशचंद लोहाडीया द्वारा किया गया। आभार दिलीप पहाडीया, सुनील जैन ने माना।












