
*निगम सभागृह में डॉग बाइट अवेयरनेस एवं नियंत्रण विषयक बैठक आयोजित*
– *डॉग लवर्स, डॉग स्क्वॉड एवं विशेषज्ञों के साथ संयुक्त संवाद*
खण्डवा// नगर पालिक निगम खंडवा के सभागृह में डॉग बाइट अवेयरनेस एवं नियंत्रण विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता निगम के उप आयुक्त श्री एस.आर. सिटोले ने की। बैठक में पशु विशेषज्ञ डॉ. तिवारी, डॉ. निगम, नगर के विभिन्न डॉग लवर्स, निगम की डॉग स्क्वॉड टीम के सदस्य एवं निगम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
*सभी की सहभागिता से सुलझेगा स्ट्रीट डॉग्स का मुद्दा*
बैठक में उपस्थित विशेषज्ञों एवं उप आयुक्त श्री सिटोले ने सभी डॉग लवर्स एवं डॉग स्क्वॉड सदस्यों से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि स्ट्रीट डॉग्स की जनसंख्या नियंत्रण के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। इसके लिए गली स्तर पर एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि हर गली में स्ट्रीट डॉग्स की एक निश्चित सीमा होती है जिसे ‘टेरिटरी’ कहा जाता है। प्रत्येक नागरिक को अपनी गली के स्ट्रीट डॉग्स की सूची तैयार करनी होगी, जिसमें नर एवं मादा कुत्तों की जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित हो। इस जानकारी को निगम को सौंपने के पश्चात नर कुत्तों की तुरंत नसबंदी (कैस्ट्रेशन) करवाई जाएगी। इसके उपरांत नियोजित कार्यक्रम के अनुसार मादा कुत्तों की भी नसबंदी कराई जाएगी। इस योजना के सफल क्रियान्वयन से 6 माह से 1 वर्ष की अवधि में उस टेरिटरी में स्ट्रीट डॉग्स की जनसंख्या वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण हो सकेगा।
*BNS धारा 291 के अंतर्गत नागरिकों की जिम्मेदारी भी निर्धारित*
पशु विशेषज्ञ डॉ. निगम ने नागरिकों को जागरूक करते हुए बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 291 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपने घर के बाहर नियमित रूप से किसी स्ट्रीट डॉग को भोजन देता है और वह कुत्ता वहीं अपनी टेरिटरी बना लेता है, तो उस कुत्ते का मालिक वही व्यक्ति माना जाएगा। ऐसी स्थिति में यदि वह कुत्ता किसी अन्य व्यक्ति को काट लेता है, तो उसकी जिम्मेदारी भोजन देने वाले व्यक्ति की होगी।
इसलिए नागरिकों को सुझाव दिया गया कि वे स्ट्रीट डॉग्स को भोजन अवश्य दें, किंतु ऐसे स्थान पर दें जहाँ जनचहल-पहल कम हो — जैसे कि कॉलोनी के प्रवेश या निकास द्वार पर। इससे न तो लोगों को परेशानी होगी और न ही कानूनी जिम्मेदारी।
*कचरा गाड़ियों के माध्यम से डॉग बिहेवियर जागरूकता का सुझाव*
बैठक में पशु विशेषज्ञ डॉ. तिवारी ने उप आयुक्त श्री सिटोले को सुझाव एवं निवेदन करते हुए कहा कि नगर निगम की कचरा गाड़ियों के माध्यम से प्रतिदिन डॉग साइकोलॉजी एवं बिहेवियर से संबंधित जानकारी का प्रसार किया जा सकता है। यह एक अत्यंत प्रभावी माध्यम सिद्ध होगा, जिससे जनमानस में डॉग्स के व्यवहार को लेकर सही समझ विकसित होगी और उनके प्रति संवेदनशीलता भी बढ़ेगी।
*निगम अधिकारी, कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता*
उक्त बैठक में उप आयुक्त श्री एस.आर. सिटोले एवं उपस्थित विशेषज्ञों के अतिरिक्त नगर निगम खंडवा के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में उप आयुक्त महोदय द्वारा सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और नगर निगम को आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराकर इस सामाजिक सरोकार को सफल बनाएं।










