
मनसे पालघर जिला पदाधिकारियों ने बैंकों में मराठी भाषा की अनदेखी पर जताया आक्रोश….
रोहित यादव (जिला रिपोर्टर)
पालघर: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) पालघर जिला ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों में मराठी भाषा की अनदेखी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मनसे के पालघर जिला अध्यक्ष भावेश चुरी ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर बैंकों को चेतावनी दी है कि वे महाराष्ट्र की आधिकारिक भाषा मराठी का सम्मान करें, अन्यथा कड़ा कदम उठाया जाएगा।
पत्र में महाराष्ट्र राजभाषा अधिनियम, 1964 का हवाला देते हुए कहा गया है कि मराठी महाराष्ट्र की आधिकारिक भाषा है और इसका उपयोग सभी सरकारी व निजी संस्थानों में किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार द्वारा लागू त्रिभाषा फॉर्मूले के तहत भी मराठी को उचित स्थान मिलना चाहिए, लेकिन कई बैंक और सरकारी कार्यालय इसे नज़रअंदाज कर केवल हिंदी और अंग्रेजी का प्रयोग कर रहे हैं।
मनसे पालघर जिला ने बैंकों से मांग की है कि वे अपने ग्राहकों को मराठी में रसीदें, कागजी कार्यवाही, विज्ञापन बोर्ड और अन्य सुविधाएं प्रदान करें। साथ ही, बैंक कर्मचारियों को मराठी में ग्राहकों से संवाद करने का निर्देश दिया जाए।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे के निर्देशानुसार, संगठन ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और स्पष्ट किया है कि यदि पालघर जिले के बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने तुरंत मराठी भाषा को प्रभावी रूप से लागू नहीं किया, तो इसके विरोध में कठोर कदम उठाए जाएंगे।
मनसे पालघर जिला की यह चेतावनी महाराष्ट्र की अस्मिता से जुड़ी भावना को दर्शाती है। अब देखना होगा कि बैंक प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है।