
बैतूल । जनजातीय मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन ट्राईफेड (TRIFED) द्वारा बैतूल जिले में 21 दिसंबर से 26 दिसंबर 2025 तक छत्रपति शिवाजी ओपन ऑडिटोरियम में आदि बाजार का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष आयोजन का शुभारंभ 21 दिसंबर को केंद्रीय राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उईके के मुख्य आतिथ्य में संपन्न होगा।

आदि बाजार के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर शुक्रवार को ट्राईफेड की डिप्टी जनरल मैनेजर श्रीमती प्रीति मैथिल एवं कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टॉल व्यवस्था, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा एवं आगंतुकों की सुविधा से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आदि बाजार में देश के विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय उत्पादों और शिल्पकला को प्रदर्शित किया जाएगा। यहां मध्यप्रदेश की प्रसिद्ध महेश्वरी एवं चंदेरी साड़ियां, बांस कला से बने आकर्षक उत्पाद, सजावटी पौधे, वूलन क्लॉथ्स, हैंडलूम वस्त्र, फॉरेस्ट प्रोडक्ट्स एवं विविध पारंपरिक शिल्पकला लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। विशेष रूप से बैतूल जिले की पहचान बन चुके भरेवा शिल्प के हस्तशिल्प उत्पाद भी यहां उपलब्ध रहेंगे।
आदि बाजार के अंतर्गत फूड फेस्टिवल का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें मिलेट्स से बने पारंपरिक एवं नवीन खाद्य उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे। आयोजन में ट्राईफेड के 25 स्टॉल, NEHHCD के 3 स्टॉल तथा जिला प्रशासन के 22 स्टॉल शामिल रहेंगे। इसके साथ ही जनजातीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी जाएगी, जो आयोजन को और भी आकर्षक बनाएगी।
आदि बाजार की तैयारियों को लेकर जिला पंचायत, नगर पालिका बैतूल एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा समन्वय के साथ व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। जिले के बाहर से आने वाले प्रतिभागियों के ठहरने की व्यवस्था रेलवे स्टेशन के सामने स्थित राधाकृष्ण धर्मशाला में की गई है।
आदि बाजार न केवल जनजातीय उत्पादों के विपणन का सशक्त माध्यम बनेगा, बल्कि स्थानीय कला, संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत की भावना को भी सुदृढ़ करेगा।









