

हस्तिनापुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष विजयदशमी उत्सव के पावन अवसर पर हस्तिनापुर नगर में भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस उत्सव ने पूरे नगर में देशभक्ति और उत्सव का वातावरण निर्मित कर दिया, जिसमें नगरवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ SD पब्लिक स्कूल से हुआ, जहाँ अध्यक्ष श्री बाल मुकुंद बत्रा जी, मुख्य वक्ता श्री सुरेश जी, और खण्ड संघ चालक श्री सत्यवीर जी ने श्रीराम, डॉ. हेडगेवार जी और श्री गुरु जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। उपस्थित स्वयंसेवकों और जनसमूह ने संघ की परंपराओं और संस्कारों के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की।
मुख्य वक्ता ने किया मार्गदर्शन
मुख्य वक्ता श्री सुरेश जी ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संघ की स्थापना के कारण, इसके गौरवशाली इतिहास और अब तक की कार्ययात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि संघ का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति निर्माण करना है, ताकि वह व्यक्ति स्वयं राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य कर सके। उन्होंने बताया कि संघ शिक्षा, ग्रामीण विकास, पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन और नागरिक कर्तव्य जैसे अनेक आवश्यक क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
अनुशासित पथ संचलन और नागरिक स्वागत
पथ संचलन SD पब्लिक स्कूल से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुज़रा और पुनः विद्यालय में ही समाप्त हुआ। संचलन के दौरान, स्वयंसेवक पूर्ण अनुशासन के साथ पंक्तियों में कदमताल करते हुए राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रदर्शन कर रहे थे।नगरवासियों का उत्साह उल्लेखनीय रहा; मार्ग के विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने स्वयंसेवकों पर पुष्पवर्षा कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कई स्थानों पर आमजन और सामाजिक संगठनों ने स्वागत की विशेष व्यवस्था भी की।
आकर्षण का केंद्र बनी प्रदर्शनी
कार्यक्रम स्थल पर संघ की १०० वर्षों की यात्रा से संबंधित एक प्रदर्शनी और संघ साहित्य स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। बड़ी संख्या में लोगों ने इन स्टॉलों पर आकर संघ के कार्यों और विचारों को जानने में रुचि दिखाई।
सफलता पर आभार व्यक्त
संघ के स्थानीय अधिकारियों ने इस सफल आयोजन के लिए नगरवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ समाज को एकजुट करने और राष्ट्रीय चेतना को प्रबल करने में सहायक सिद्ध होती हैं।
कार्यक्रम में विद्यासागर (विभाग सामाजिक समरसता प्रमुख), डॉ. वैभव जी (जिला सह प्रचार प्रमुख), श्री मुकेश जी, श्री अनुज जी, श्री सुनील त्यागी जी, रवींद्र जी, मोहन जी, सौरभ जी समेत सैंकड़ों स्वयंसेवक उपस्थित रहे।













