
*एडिटर/संपादक:-तनीश गुप्ता,खण्डवा
हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम मैं हुआ काव्य पाठ।
खंडवा। मध्य प्रदेश लेखक संघ जिला इकाई खंडवा के तत्वावधान में हिंदी दिवस का कार्यक्रम डॉक्टर जगदीश चंद्र चौरे की अध्यक्षता में तथा लेखक सुधीर देशपांडे के मुख्य आतिथ्य में एवं हास्य व्यंग कार सुनील चौरे उपमन्यु के विशिष्ट आतिथ्य में नानक बजाज के निवास स्थान पर रखा गया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि प्रारंभ में मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। बाद अतिथियों को माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। सरस्वती वंदना नीलम बजाज द्वारा प्रस्तुत की गई l मुख्य अतिथि सुधीर देशपांडे ने “हिंदी की दशा एवं दिशा पर “अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व में तीसरे नंबर की भाषा हिंदी आती है हमें अपनी भाषा के अलावा अन्य भाषा भी सीखने का प्रयास करना चाहिए। यदि हमारी मानसिक स्थिति ठीक है तो हिंदी देश की राष्ट्रभाषा हो सकती है अन्यथा इसके लिए हम ही जिम्मेदार है। कॉक्स के अध्यक्ष सुनील उपमन्यु ने कहा कि आज भी हिंदी हम से प्रश्न कर रही है कि क्या मैं स्वीकार कर ली गई हु सोचनीय हैं साहित्यकार रघुवीर शर्मा ने बताया कि हिंदी का चलन विदेश में भी कुछ कम नहीं है कई विदेशी भारत में आकर हिंदी के ग्रंथों पर शोध कार्य कर रहे हैं और विदेशी लोग हिंदी को बढ़ावा दे रहे हैं जबकि भारत में हिंदी की दशा ठीक नहीं है। इसी तारतम्य में सुरेंद्र गीते, गोविंद शर्मा, डॉक्टर जगदीश चंद्र चौरे, देवेंद्र जैन, डॉ रश्मि दीक्षित, ब्रह्मानंद पाराशर ने हिंदी पर अपने विचार व्यक्त किए। दूसरे सत्र में काव्य गोष्ठी में सर्वश्री तारकेश्वर चौरे ,मंगला चौरे, ओम चौरे ,हेमंत उपाध्याय ,वर्षा उपाध्याय, शुभम देवड़ा, भूपेंद्र मौर्य, राधेश्याम शाक्य ,महेश मूलचंदानी, सोनम चौरे ,अनुराधा शांडले,सुनील जैन,शैलेश पालीवाल, नितिन बिवाल, राजमाला आर्य, सरिता सक्सेना, नीता श्रीवास्तव ,अनमोल आदि ने काव्य पाठकिया। कार्यक्रम का सफल संचालन उपाध्यक्ष मंगलाचौरे ने किया तथा आभार सचिव देवेन्द्र जैन ने माना ।












