
खंडवा अलीराजपुर रेल लाइन की डीपीआर की राह खुली, आदिवासी अंचल के विकास को लगेंगे पंख
पीएमओ से मिली जानकारी के बाद प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद; रेल कनेक्टिविटी से रोजगार, व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को मिलेगा फायदा।
दादाजी मंदिर निर्माण के साथ जिले को हो रही है बड़ी सौगाते प्राप्त।
खंडवा। आजादी के पूर्व से आदिवासी क्षेत्र खरगोन और बड़वानी जिले के लोग अपने क्षेत्र में रेल देखने का इंतजार कर रहे हैं। इन क्षेत्र के आदिवासी भाई अपने बच्चों को लेकर कई बार हमने देखा है कि खंडवा के रेलवे और ब्रिज पर खड़े होकर में अपने बच्चों को आने जाने वाली ट्रेन दिखाते हैं उनका सपना है कि हमारे क्षेत्र रेलगाड़ी दौड़े और हम और हमारे बच्चे उसमें बैठे। अलीराजपुर-खंडवा रेल लाइन की वर्षों पुरानी मांग को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा खंडवा से भीकनगांव, खरगोन, बड़वानी होते हुए अलीराजपुर तक ट्रेन चलाने की लाइन के सर्वे कार्य को स्वीकृति प्रदान कर लगभग 6 करोड़ से अधिक राशि स्वीकृत की गई थी, हर्ष का विषय है खंडवा से अलीराजपुर रेल लाइन का सर्वे कार्य पूर्ण होने के पश्चात पूर्ण हो गया है और सर्वे की डीपीआर केंद्र सरकार, रेल मंत्रालय और प्रदेश सरकार को भेजी जा चुकी है। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि खंडवा अलीराजपुर रेल लाइन की व्हाट्सएप पुरानी अब आगे बढ़ती नजर आ रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना के सर्वे, स्वीकृति और आगे की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। रेल लाइन बनने से आदिवासी बहुल अंचल सीधे खंडवा सहित बड़े शहरों और प्रमुख बाजारों से जुड़ सकेगा। साथ ही खंडवा जिले के लिए हर्ष का विषय है कि खंडवा के लोगों को गुजरात जाने के लिए 200 किलोमीटर का फायदा होगा।
रेल संपर्क से बदलेंगे विकास के रास्ते
समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि मोदी सरकार ने यदि इस लाइन का सर्वे कराया है तो निश्चित आने वाले समय में रेल लाइन की पटरी बीछकर क्षेत्रवासी रेल में बैठकर सफर करेंगे। अलीराजपुर से खंडवा के बीच रेल सुविधा शुरू होने से क्षेत्र में आवागमन आसान होगा। किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, वहीं विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के के साथ गुजरात इलाज के लिए जाने वाले मरीज के लिए भी सफर सुगम होगा। रेल कनेक्टिविटी से रोजगार, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसर बनने की उम्मीद है।
वर्षों पुरानी मांग को मिली नई उम्मीद
आदिवासी अंचल को रेल नेटवर्क से जोड़ने की यह मांग लंबे समय से उठती रही है। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि खंडवा के दादाजी धाम पर दादाजी मंदिर निर्माण के साथी किलो जिले को जिले को बड़ी-बड़ी सौगातें प्राप्त होने लगी है, खंडवा अलीराजपुर रेल लाइन का सर्वे पूर्ण होकर डीपीआर भारत सरकार रेल मंत्रालय और प्रदेश सरकार को स्वीकृति हेतु भेजी गई है, यह योजना स्वीकृत होती है तो एक बड़ी सौगात खंडवा, बड़वानी, खरगोन, अलीराजपुर जिले को प्राप्त होगी। प्रयास करने में ही सफलता प्राप्त होती है, इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं की खरगोन के संघ से जुड़े प्रचारक दामोदरजी अग्रवाल की कड़ी मेहनत और काफी संघर्ष उनके एवं उनके द्वारा बनाई गई नर्मदा ताप्ती रेल लाइन समिति के सदस्यों को है। अब डीपीआर तैयार करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ने की जानकारी के बाद क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है। परियोजना के धरातल पर आने से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिलने की संभावना है।
सांसदों के प्रयास का असर
सुनील जैन ने बताया कि रेल लाइन की परियोजना को आगे बढ़ाने के प्रयासों में केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी की भूमिका भी हें। डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ना परियोजना के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा।
अब सर्वे और स्वीकृति पर नजर
अब क्षेत्रवासियों की नजर आगामी सर्वे, डीपीआर तैयार होने और उसकी स्वीकृति पर है। इसमें महत्वपूर्ण भूमिका सांसदों एवं मंत्री की हें इसके बाद परियोजना को बजट और निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है। रेल लाइन पूर्ण होने से खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर जिले सहित सहित आसपास के आदिवासी अंचल के विकास को नई रफ्तार मिल सकती है।












