
भाई की कलाई पर सजी राखियां, बहनों ने मांगी लंबी उम्र की दुआ।

शहर सहित जिलेभर में उत्साह के साथ मनाया रक्षाबंधन पर्व, सुबह से शुरू हुआ राखी बांधने का सिलसिला; बाजारों में रही रौनक।
खंडवा। भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व रक्षाबंधन शहर सहित जिलेभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही घर-घर उत्सव का माहौल रहा। बहनों ने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास का रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। भाइयों ने भी बहनों की रक्षा और हर सुख-दुख में साथ निभाने का संकल्प दोहराया। समाज सेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि दिनभर शुभ मुहूर्त रहने के कारण सुबह से ही राखी बांधने का सिलसिला शुरू हो गया था। रक्षाबंधन के दिन प्रात काल लोगों ने मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना के साथ मंदिर के द्वारा पर रक्षा सूत्र बांधे। रक्षा सूत्र धागा केवल भाई बहन का बंधन नहीं बल्कि धर्म और साधु संतों की रक्षा का एक संकल्प भी है। रक्षाबंधन को लेकर बहनें गुरुवार से ही अपने पीहर पहुंचना शुरू हो गई थीं। शुक्रवार को भी बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से कई बहनें भाइयों के घर पहुंचीं। घरों में पूजा की थाली सजाई गई। बहनों ने भाई को तिलक लगाकर आरती उतारी, मिठाई खिलाई और राखी बांधी। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति अपना स्नेह जताया।
बच्चों में दिखा खास उत्साह
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि रक्षाबंधन को लेकर बच्चों में भी खास उत्साह नजर आया। सात वर्षीय आध्या ने अपने चार वर्षीय भाई श्रीमन की कलाई पर राखी बांधी तो भाई का चेहरा खुशी से खिल उठा। आम दिनों में सुबह उठने में आनाकानी करने वाले बच्चे भी राखी बंधवाने के लिए जल्दी तैयार हो गए। घरों में बच्चों के बीच राखी बांधने और बंधवाने को लेकर उत्सुकता बनी रही।
बाजार में सुबह से रही चहल-पहल
रक्षाबंधन के चलते शहर के बाजारों में भी दिनभर रौनक रही। राखी, मिठाई, नारियल, कपड़े और उपहार की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ नजर आई। शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचे। मिठाई और नारियल की दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की आवाजाही शुरू हो गई थी।
मिठाई और नारियल के दामों पर महंगाई का असर
सुनील जैन ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन पर मिठाई राखी और नारियल की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली इसके बावजूद पर्व की खुशियों पर महंगाई भारी नहीं पड़ी और लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार मिठाई, नारियल और उपहारों की खरीदारी की।
स्नेह और विश्वास की डोर का पर्व
रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच स्नेह, विश्वास और जिम्मेदारी के रिश्ते को मजबूत करने का अवसर है। यही कारण है कि धर्म और वर्ग की सीमाओं से परे यह पर्व समाज में प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है। शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से राखी बांधकर बहनों ने भाइयों की खुशहाली की कामना की, वहीं भाइयों ने भी बहनों के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प दोहराया।











