मध्यप्रदेशसिवनी

जनहित के मामलों में नहीं चलेगी लापरवाही, सीमांकन-बंटवारा, सीएम हेल्पलाइन और किसान फॉर्म रजिस्ट्री पर कलेक्टर के कड़े निर्देश

सिवनी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में सीएम हेल्पलाइन, समय-सीमा पत्र, राजस्व प्रकरण, सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण, लोक सेवा गारंटी, किसान फॉर्म रजिस्ट्री, खाद-बीज उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के लंबित मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें और शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।

राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान सीमांकन, बंटवारा और नामांतरण के लंबित प्रकरणों पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और अनावश्यक विवादों से बचा जा सके।

कलेक्टर ने किसानों से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए खाद एवं बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही किसान फॉर्म रजिस्ट्री कार्य में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि पात्र किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए।

बैठक में सीएम हेल्पलाइन के लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को शिकायतों का संतोषजनक निराकरण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक जवाब देकर शिकायतों का निराकरण नहीं माना जाएगा, बल्कि समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना होगा।

बरसात के मौसम को देखते हुए आपदा प्रबंधन, जलभराव, राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूर्ण रखने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत, राजस्व, कृषि, पुलिस, नगर निकाय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी विभागों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए जनहित के मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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