ताज़ा ख़बरेंमध्यप्रदेश

दिलीप सिंह भूरिया शासकीय महाविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत गुरु पूर्णिमा समारोह हुआ संपन्न

झाबुआ। उच्च शिक्षा विभाग एवं मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार दिलीप सिंह भूरिया शासकीय आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय, झाबुआ में भारतीय ज्ञान परंपरा के त्रैमासिक कार्यक्रम के अंतर्गत गुरु पूर्णिमा समारोह का आयोजन प्रभारी प्राचार्य प्रो. पी. के. उछावर के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी प्राचार्य प्रो. पी. के. उछावर ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा आदि-अनादि काल से भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर रही है। गुरु ही शिष्य को ज्ञान, संस्कार एवं जीवन के सही मार्ग का बोध कराता है।

मुख्य अतिथि महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. एस. सी. जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्राचीनकाल में गुरुकुल शिक्षा पद्धति के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा एवं संस्कार प्रदान किए जाते थे। गुरुकुल में प्राप्त ज्ञान और गुरुओं द्वारा बताए गए सिद्धांतों का अनुसरण कर शिष्य जीवन में सफलता प्राप्त करते थे।

विशिष्ट अतिथि पंडित घनश्यामदास वैरागी ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा का उत्सव अत्यंत प्राचीन है। वैदिक काल से लेकर आज तक गुरु का स्थान सर्वोच्च और पूजनीय रहा है। उन्होंने कहा कि संसार में जो भी व्यक्ति महान बना है, उसके व्यक्तित्व निर्माण में उसके गुरुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

कार्यक्रम का कुशल संचालन भारतीय ज्ञान परंपरा प्रभारी प्रो. प्रगति मीमरोट ने किया। अंत में प्रो. मुकेश बघेल ने उपस्थित सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!