
कलेक्टर श्री गुप्ता ने प्राइवेट स्कूल संचालकों की बैठक में दिए निर्देश
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पुस्तक व यूनिफार्म किसी एक ही दुकान से खरीदने हेतु बाध्य न करें, अन्यथा होगी कार्यवाही
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खण्डवा
#कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री ऋषव गुप्ता ने शनिवार को जिले के प्राइवेट स्कूल संचालकों और पुस्तक विक्रेताओं की बैठक लेकर निर्देश दिए कि विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को किसी एक ही दुकान से यूनिफॉर्म और पुस्तक खरीदने के लिए बाध्य ना करें, अन्यथा कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए गए हैं, सभी उसका पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि
स्कूल संचालकों की एकाधिकार प्रवृत्ति को खत्म करने के उद्देश्य से ये प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब कोई भी स्कूल संचालक अपने विद्यार्थियों को किसी एक ही दुकान से स्कूल की गणवेश, जूते, टाई, किताबें, कापियाँ पुस्तक या अन्य स्टेशनरी सामग्री क्रय करने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉक्टर नागार्जुन गौड़ा और जिला शिक्षा अधिकारी श्री पी एस सोलंकी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने सभी प्राइवेट स्कूलों के संचालकों एवं प्राचार्यों को निर्देश दिए कि वे अपने स्कूल में संचालित प्रत्येक कक्षा के लिये अनिवार्य पुस्तकों की सूची, यूनिफार्म की जानकारी 10 फरवरी 2026 के पूर्व ही अपने स्कूल की वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें एवं विद्यालयीन परिसर में सार्वजनिक स्थान पर चस्पा करें।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने बैठक में कहा कि पुस्तक और यूनिफार्म के कम से कम तीन विक्रेताओं का नाम सत्र प्रारंभ होने के एक माह पूर्व वेबसाईट पर अपलोड कराएं। उन्होंने
निर्देश दिए कि कोई भी विक्रेता किसी भी कक्षा की पुस्तकों के पूरे सेट को क्रय करने के लिए बाध्य नहीं करे। यदि किसी विद्यार्थी के पास पुरानी किताबें उपलब्ध हो तो उसे जिसकी आवश्यकता है, केवल वही किताबे विक्रय की जाए।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने बैठक में निर्देश दिए कि विद्यालयों द्वारा यूनिफार्म का निर्धारण इस प्रकार किया जावेगा कि कम से कम 3 वर्ष तक उसमें परिवर्तन न किया जाए। सभी विद्यालय अपने पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी या एससीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों का ही समावेश करें। यदि अत्यावश्यक हो तो स्कूल के पालक शिक्षक संघ की सहमति से संस्था में विख्यात और प्रसिद्ध निजी प्रकाशकों की ही अधिकतम 2 पुस्तक पाठ्यक्रम में शामिल की जाएं, जो कि बाजार में आसानी से उपलब्ध हों।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने बैठक में बताया कि प्राइवेट स्कूलों में कक्षावार बस्ते के वजन की सीमा भी निर्धारित की गई है। जारी आदेश के अनुसार कक्षा पहली के लिए 1.6 से 2.2 किलोग्राम, कक्षा दूसरी के लिए 1.6 से 2.2 किलो ग्राम, तीसरी कक्षा के लिए 1.7 से 2.5 किलो ग्राम, चौथी कक्षा के लिए 1.7 से 2.5 किलोग्राम, पांचवी कक्षा के लिए 1.7 से 2.50 किलोग्राम, छटवी कक्षा के लिए 2.0 से 3.0 किलोग्राम, सातवी कक्षा के लिए 2.0 से 3.0 किलो ग्राम आठवी कक्षा के लिए 2.5 से 4 किलोग्राम, नौवी कक्षा के लिए 2.5 से 4.5 किलो ग्राम तथा दसवी कक्षा के लिए 2.5 से 4.5 किलोग्राम वजन तय किया गया है। कलेक्टर श्री गुप्ता ने बताया कि कक्षा 11वी एवं 12 वीं कक्षा के लिए बस्ते का वजन शाला प्रबंधन समिति द्वारा विभिन्न विषय स्ट्रीम के आधार पर तय किया जाए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है, इसका उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी।












