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आधुनिक वेशभूषा से धर्म की हानि, सभी को सनातन संस्कृति का पालन करना चाहिये, ,,उपमन्यूजी,,

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आधुनिक वेशभूषा से धर्म की हानि, सभी को सनातन संस्कृति का पालन करना चाहिये, ,,उपमन्यूजी,,

खंडवा। शहर के रामनगर में चल रही शिवमहापुराण कथा प्रारंभ के पूर्व भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। वृंदावन से पधारे पं. श्री बनवारी भाई उपमन्यूजी महाराज ने सुंदर शिव परिवार से शिक्षा के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि विषम विचार वालों के साथ भी परिवार में सामंजस्य बनाकर रहना चाहिए। साथ ही आज कल माताओं बहनों व भाइयों की वेशभूषा के बारे में बताया कि हमारे पूर्वजों में माताओं ने कभी अंग प्रदर्शन नहीं किया। अपनी लोकलज्जा, मर्यादा को बचाने के लिये स्वयं की प्राणाहुति दे दी। माताओं को विशेष अपने वेशभूषा का ध्यान रखने की आवश्यकता है। शास्त्रों में कहा गया है कि एक वस्त्रा न्यूनवस्त्रा च यानारी मुक्तकेशा व्यवस्थिता। खुले बाल छोटे कपडे आदि ऐसे पहवाने वाली माताओं को तो धर्म कर्म में अधिकार ही नहीं दिया। लोग कहते है कि पर्दा प्रथा मुगलकाल से चलाई गई थी। जबकि हमारे शास्त्रों में मर्यादा के प्रमाण तो बहुत पहले से ही हैं। इसलिये हम सभी को अपनी सनातन संस्कृति का पालन करना चाहिये, ना कि पाश्चात्य संस्कृति को अपनाना चाहिये। इस दौरान मनमोहक भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। आयोजन समिति ने धर्मप्रेमी जनता से कथा में शामिल होकर पुण्यलाभ लेने का आह्वान किया। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि शिवपुराण कथा के द्वितीय दिवस पर कथा स्थल श्रद्धा और भक्ति से सराबोर नजर आया। कथा वाचक बनवारी भाई उपमन्यु ने श्रद्धालुओं को चंचला देवी की पावन कथा का भावपूर्ण श्रवण कराया। उन्होंने कथा के माध्यम से शिवभक्ति, संयम और आस्था का महत्व बताया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित भक्त मंत्रमुग्ध होकर कथा सुनते रहे। साथ ही कथा स्थल पर श्रद्धालुओं द्वारा पार्थिव शिवलिंग का निर्माण भी किया जा रहा है, जिसे लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया। भजनों, जयकारों और शिव आराधना से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

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