ताज़ा ख़बरें

*हिंदुओं के रहने का स्थान हिंदुस्तान हैं और जो हिंदुस्तान में रहते हैं वह सारे हिंदू हैं,आने वाले समय में सत्य सनातन हिंदू धर्म का पूरे विश्व में डंका बजने वाला हैं-*

बडौद आगर मालवा से संजय जैन की रिपोर्ट


*हिंदुओं के रहने का स्थान हिंदुस्तान हैं और जो हिंदुस्तान में रहते हैं वह सारे हिंदू हैं,आने वाले समय में सत्य सनातन हिंदू धर्म का पूरे विश्व में डंका बजने वाला हैं-*

बड़ौद- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में गुराडिया मंडल के हिंदू सम्मेलन का आयोजन दुधाखेड़ी माताजी मंदिर बरखेड़ा में किया गया।कार्यक्रम प्रारंभ अतिथि साध्वी हेमलता दीदी मां सरकार भारत माता मंदिर उड़ाना उज्जैन,श्रीमती भार्गवी जी जोशी राष्ट्रीय सेविका समिति जिला कार्यवाहिका नलखेड़ा, श्री दिनेश जी कुंभकार जिला संपर्क प्रमुख,श्री महादेवसिंह जी चौहान मंडल सहसंयोजक हिंदू सम्मेलन के आतिथ्य में आयोजित किया गया।सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा गौमाता पूजन व भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर कार्यक्रम प्रारंभ किया गया।अतिथि परिचय श्री रामप्रसाद सेन द्वारा करवाया गया।हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम के अतिथि उद्बोधन में साध्वी दीदी मां सरकार ने अपने उद्बोधन में कहा कि संगठित हिंदू समाज ही राष्ट्र की उन्नति का आधार हैं हम सभी हिंदुओं को एक पंगत में बैठना और एक संगत में रहने की आवश्यकता हैं उन्होंने कहा कि हमारी व्यक्तिगत लड़ाई हो सकती है लेकिन वह व्यक्तिगत लड़ाई राष्ट्र के लिए कुछ नहीं इसलिए राष्ट्र कार्य के लिए हमें आगे आना पड़ेगा,हम सभी के संकल्प के द्वारा अयोध्या में प्रभु श्री का राम मंदिर बनकर तैयार हो गया हैं।श्रीमती भार्गवी जी जोशी ने अपने उद्बोधन में संघ के पंच परिवर्तन के विषय पर विस्तार से बताया जिसमें कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से टूटते परिवार का कारण आधुनिक जीवन शैली को बताया उन्होंने संस्कारों के साथ परिवार को जोड़ने की बात कही। साथ ही उन्होंने बताया कि नारी शक्ति भी परिवार में बच्चों को संस्कारित कर राष्ट्र की सेवा कर सकती।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री दिनेश जी कुंभकार ने अपने उद्बोधन में संघ की 100 वर्ष की यात्रा के बारे में बताया एवं डॉ.केशवराव बलीराम हेडगेवार जी के जीवन पर प्रकाश डाला और बताया कि किस प्रकार डॉक्टर साहब ने अपना जीवन राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित किया साथ ही उन्होंने बताया कि हमारा गौरवशाली शक्तिशाली इतिहास रहा हैं,हमारा भारत देश पहले अपार धन संपदा वाला देश था जो मुगलों एवं अंग्रेजों के द्वारा लूटा गया।कार्यक्रम के अंत में भारत माता की आरती मंचासीन अतिथियों द्वारा की गई।कार्यक्रम का संचालन श्री नरेंद्रसिंह राजपूत द्वारा किया गया
कार्यक्रम के अंत में सभी धर्म प्रेमी बंधूओ का समरसता सहभोज का कार्यक्रम रखा गया जहां पर सभी ने सामूहिक रूप से सहभोज किया।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!