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सत्संग का क्षण जन्म जन्मांतर के पापों को नष्ट करने में सक्षम है..सुश्री चेतना भारती दीदी

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खण्डवा// ग्राम बोरगांवबुजुर्ग में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस में निमाड़ माकड़खेड़ा मंडलेश्वर की सुविख्यात कथावाचिका सुश्री दीदी चेतना भारती ने कहा की श्रीमद् भागवत कथा व्यासनंदन श्री शुकदेव जी महाराज तथा राजा परीक्षित के मध्य का दिव्य संवाद है जिसे भावपूर्वक श्रवण करने से निश्चित ही आज भी मोक्ष की गति संभव है। भगवान की कथा श्रवण करने से प्रेमा भक्ति का उदय होता है, प्रभु के चरणों में प्रीति बढ़ती है, विषय विकार दूर हो जाते है। जिस प्रकार अग्नि की एक छोटी सी चिंगारी बड़े कचरे के ढेर को जलाकर राख कर देती है वैसे ही सत्संग का क्षण जन्म जन्मांतर के पापों को नष्ट करने में सक्षम है। भगवान की कथा जीवन की व्यथा मिटा देती है, जीवन को दिव्य बना देती है, अंधकार से प्रकाश और मृत्यु से अमृत की तरफ ले जाने वाली संजीवनी का कार्य करती है। बच्चो, बेटियों, बहुओं में कथा श्रवण करने से संस्कार रूपी बीज का रोपण होता है। समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है

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