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बाल संवाद से सजी बाल कल्याण समिति खंडवा की पहली वर्षगांठ

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बाल संवाद से सजी बाल कल्याण समिति खंडवा की पहली वर्षगांठ

खंडवा | बाल अधिकारों के संरक्षण और जागरूकता के क्षेत्र में एक वर्ष पूर्ण कर चुकी बाल कल्याण समिति खंडवा की प्रथम वर्षगांठ पर स्थानीय उत्कृष्ट विद्यालय में बाल संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मिशन वात्सल्य के तहत बच्चों एवं अभिभावकों को कानूनों, योजनाओं एवं संरक्षण व्यवस्थाओं के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बाल कल्याण समिति खंडवा के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में संगीता सोनवने (एडीपीसी, शिक्षा विभाग), पूजा राठौर (परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग) तथा उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य भूपेंद्र चौहान मंचासीन रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मिशन वात्सल्य के अंतर्गत बच्चों को सुरक्षित वातावरण, संरक्षण एवं पुनर्वास उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह प्रतिषेध, बाल श्रम उन्मूलन, बाल आशीर्वाद एवं स्पॉन्सरशिप योजना, पारिवारिक पुनर्वास एवं संस्थागत पुनर्वास की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि जागरूकता ही अपराधों की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है।

परियोजना अधिकारी पूजा राठौर ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि जरूरतमंद बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना के माध्यम से शिक्षा, पोषण एवं संरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बाल विवाह और बाल श्रम के विरुद्ध सख्त कानूनों की जानकारी देते हुए बच्चों व अभिभावकों से सहयोग की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान जनसाहस सामाजिक संस्था द्वारा प्रस्तुत नाटिका में किशोरियों के साथ हो रहे अत्याचारों, बाल विवाह एवं शोषण की गंभीरता को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। इस नाटिका में जनसाहस संस्था से अर्चना, आरती, अखिलेश एवं सरदार जी की सहभागिता रही, जिन्होंने प्रभावी अभिनय के माध्यम से जागरूकता का सशक्त संदेश दिया।

वहीं स्पंदन सेवा समाज समिति द्वारा बच्चों को प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम के माध्यम से पॉक्सो एक्ट, बाल अधिकार, बाल श्रम, लैंगिक समानता एवं सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर स्पंदन सेवा समाज समिति से राजेंद्र भार्गव, नीरज पाल, चंदूलाल यादव एवं पूनम यादव की सक्रिय भूमिका रही। बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्रश्न पूछे और जागरूकता संदेश को आत्मसात किया।

कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के सदस्य मोहन मालवीय, रुचि पाटिल, कविता पटेल एवं स्वप्निल जैन उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों से संवाद कर उन्हें सजग, निर्भीक और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

अंत में प्राचार्य भूपेंद्र चौहान ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे संवादात्मक कार्यक्रम बच्चों को कानूनों और योजनाओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। कार्यक्रम का समापन “बाल हित सर्वोपरि” के संकल्प के साथ किया गया।

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