
मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ ,चंद्रप्रभु के जन्म तप कल्याणक पर आयोजित हुई शांति धारा

खंडवा। सराफा स्थित अति प्राचीन पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मूलनायक प्रभु 1008 श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ भगवान एवं अष्टम तीर्थेश्वर श्री 1008 चंद्रप्रभु भगवान का 15 दिसंबर सोमवार पौष वदी एकादशी को प्रातः 7:00 बजे जन्म एवं तप कल्याणक महामहोत्सव मनाया गया। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि इस पावन अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में परम पूज्य आचार्य श्री 108 विभव सागर महाराज जी के मुखारविंद से ससंघ सानिध्य में मूलायक प्रभु श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान के मस्तक पर व जलवट में विराजमान श्री 1008 चंद्रप्रभ भगवान के मस्तक पर अभिषेक एवं वृहत शांतिधारा की गई। समाज के मीडिया प्रभारी प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि श्री मूलनायक पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा पर शांतिधारा करने का सौभग्य श्रीमती सुशीला अनिल लुहाड़िया श्रीमान तरुण लुहाड़िया ,सुश्री नीलू लुहाडिया एवं जलवट में विराजमान चंद्रप्रभु भगवान पर शांतिधारा श्रीमती पदमा दीपक सेठी परिवार पार्श्वनाथ भगवान पर शांतिधारा श्रीमान रमेश सेठी, ऋषि सेठी परिवार को प्राप्त हुआ।इस अवसर पर वीरेंद्र भटयांण,कैलाश पहाड़िया,सुनील जैन,प्रेमांशु चौधरी,राहुल जैन,प्रेमांशु जैन अधिवक्ता,अजय जैन,अविनाश जैन,पंकज जैन,चौथमल जैन,पंडित निखलेश जैन सहित समाजजन उपस्थित थे।












