
अंतर्राष्ट्रीय व्यावसायिक दिवस की सार्थकता होगी : डॉ. कुम्हारे
किसी व्यक्ति की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी विशेषता होती है। इतिहास गवाह है कि शैतानों ने अपनी प्रतिभा, साहस और दृढ़ निश्चय से दुनिया को नई दिशा दी है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अनैतिक लोगों के मार्ग में बाधा न डालें, बल्कि उन्हें अवसर प्रदान करें, सहानुभूति नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार। हमारे देश में ऐसे कई अनैतिक लोग हैं जो उच्च संवैधानिक शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं लेकिन उन्हें समय पर रोजगार उपलब्ध नहीं हो पाता है। केंद्र एवं राज्य सरकार के निजीकरण को लेकर निजीकरण के प्रस्ताव तो बन गए हैं, लेकिन उनके वैज्ञानिक सहयोगियों से कोई हो नहीं पाता है, जिसके कारण केंद्र और राज्य सरकार के निजीकरण से रोजगार के प्रस्ताव रह जाते हैं। सेंटर एवं स्टेट इंस्टिट्यूट को यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि कोई भी निजीकरणी है तो उसे रोजगार दिया जाए एवं कम पढ़ाई की जाए या अशिक्षित एलायंटों के पदों का प्रशिक्षण दिया जाए ताकि समाज में भी समान्य प्राप्त हो सके जो सामान्य नागरिक होता है। फिर भी इसके नामांकन श्रेणी के व्यक्ति कुछ संख्या में परत आधार पर क्षेत्र हैं, बुआ विधानिका (विधान सभा, और स्टॉकहोम) मतदाताओं में नवीनता नहीं होने के कारण ये जन प्रतिनिधित्व नहीं कर पा रहे हैं। आज अंतरराष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय अनैतिक दिवस के अवसर पर हम मांग करते हैं कि अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को पोर्टफोलियो में शामिल किया जाए और कहा जाए कि समुदाय के लोगों को पोर्टफोलियो में शामिल किया जाए। एलायंस के हित में शामिल किए जाएंगे।
समावेशी समाज वही है जहाँ शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुविधाओं में कोई भेदभाव न हो। हमारा कर्त्तव्य है कि हम अविवाहित प्रशिक्षु-बहनों के लिए सुलभ भवन, सुरक्षित मार्ग, सहायक तकनीक और गरिमापूर्ण जीवन की किरणें का निर्माण सुनिश्चित करें।
इस वर्ष का संदेश स्पष्ट है – “समावेशन से ही प्रगति संभव है।”
जब सामान्यजन समाज की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी शामिल होती है, तब तक सच्चा और पूर्ण विकास होता है।
हमें इस अंतर्राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर यह संकल्प लेना होगा कि कोई भी व्यक्ति अपनी रुचि को पीछे न छोड़े, हर प्रतिभा को मंच दें, सम्मान, सद्भावना और संवेदना को जीवन का आधार बनाएं और ऐसा माहौल बनाएं जिसमें हर कोई अपनी महत्वाकांक्षा को उड़ान दे।
आज अंतर्राष्ट्रीय निजीकरण दिवस 2025 के अवसर पर हम सभी ऐसे समाज के निर्माण का संकल्प लेते हैं जिसमें हर व्यक्ति – शारीरिक, मानसिक या किसी भी प्रकार की भिन्न क्षमता हो – समान अधिकार, सम्मान और अवसर प्राप्त करें। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय दिवस की थीम ”ऐसे समाज का निर्माण जहां पर इंटरनेटजन पूरी तरह से, ब्याज और स्कूल के साथ रहते हैं” है। हम सभी ऐसा प्रयास करें ताकि यह विषय सार्थक सिद्ध हो सके।
वैकल्पिकता नहीं, दृष्टिकोण परिवर्तन की आवश्यकता है।
यही सच्चा इंसान है, यही सच्चा राष्ट्र-शक्ति है।












