
संघ के शताब्दी वर्ष में श्री विजयदशमी उत्सव पथ संचालन का कार्यक्रम रविवार 5 अक्टूबर को होगा।
उत्सव एवं पथ संचलन के लिए विभिन्न कार्यक्रम हो रहे हैं आयोजित, घर-घर जाकर दिया जा रहा है निमंत्रण।
खंडवा। संघ शताब्दी वर्ष 2025 अंतर्गत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ – खण्डवा ज़िला द्वारा जिले भर में किया जा रहा है विजयादशमी उत्सव पथ संचलन का आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, खण्डवा ज़िला इस वर्ष अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में पारंपरिक श्री विजयादशमी उत्सव पथ संचलन का आयोजन भव्य रूप से करने जा रहा है। हिंदू समाज में पुरुषार्थ और शक्ति के जागरण का प्रतीक विजयादशमी पर्व विशेष महत्व रखता है। इसी दिन 1925 में नागपुर से संघ के कार्य का शुभारंभ हुआ था। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत का एक हिंदू राष्ट्रवादी अर्ध सैनिक स्वयंसेवक संगठन है जिसकी स्थापना डॉक्टर श्री हेडगेवारजी ने 27 सितंबर 1925 को नागपुर में की थी। संघ का मुख्य लक्ष्य हिंदुत्व की विचारधारा को बढ़ावा देना, हिंदू समाज को संगठित करना और हिंदू राष्ट्र के निर्माण में योगदान देना है। आयोजित उत्सव में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण जागरूकता, स्वदेशी आचरण, नागरिक कर्तव्य पर मुख्य रूप से कार्य होगा। इस वर्ष का श्री विजयादशमी उत्सव पथ संचलन कार्यक्रम आगामी रविवार, 5 अक्टूबर 2025 को आयोजित होगा। खण्डवा नगर में यह कार्यक्रम नार्मल स्कूल मैदान से दोपहर 3:30 बजे प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होता हुआ उसी स्थान पर समाप्त होगा। कार्यक्रम में नगर की सभी पच्चीस बस्तियों से स्वयंसेवक संघ गणवेश में सहभागीता करेंगे। सामाजिक बंधुओं से भी आग्रह है कि वे पथ संचलन के पूर्व होने वाले प्रकट कार्यक्रम एवं बौद्धिक में सम्मिलित हों। इस अवसर पर जिला स्तर पर भी आयोजन किया जा रहा है। जिले के 42 मंडल स्तर पर विजयादशमी उत्सव एवं पथ संचलन आयोजित होगा, जिसमें पूरे जिले के 323 ग्रामों से स्वयंसेवक सहभागीता करेंगे। इसके साथ ही दो नगर केंद्र – खण्डवा नगर एवं पंधाना पर भी विशेष कार्यक्रम होंगे। आयोजित उत्सव को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रत्येक हिन्दुओं के घर जाकर इस ऐतिहासिक पथ संचलन एवं विजयादशमी उत्सव में शामिल होने का आग्रह किया जा रहा है। नगर संघचालक नवनीत अग्रवाल ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपने परिवार सहित पधारकर इस ऐतिहासिक पथ संचलन के साक्षी बनें और समाज जीवन में संगठन एवं समरसता की प्रेरणा ग्रहण करें। कार्यक्रम में मातृशक्ति, दिव्यांगजन, वरिष्ठजन सहित सभी आगंतुकों के लिए उचित बैठक व्यवस्था भी की गई है।









