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*अंतर्राष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस पर “बाल हित से राष्ट्रहित” संवाद कार्यक्रम आयोजित*

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*अंतर्राष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस पर “बाल हित से राष्ट्रहित” संवाद कार्यक्रम आयोजित*
*अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने समान नागरिक संहिता में बाल सुरक्षा एवं गुमशुदा बच्चों के संरक्षण संबंधी प्रावधान जोड़ने की उठाई मांग*
खंडवा
बाल कल्याण समिति खंडवा द्वारा अंतरराष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस के अवसर पर “बाल हित से राष्ट्रहित” विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले में बच्चों के गुमशुदा होने की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई गई।
समिति अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि गुमशुदा बच्चों का मामला केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि सामाजिक, पारिवारिक एवं बाल संरक्षण से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है। वर्तमान समय में सोशल मीडिया का दुरुपयोग, पारिवारिक विघटन, बाल श्रम, मानव तस्करी तथा बच्चों में बढ़ती मानसिक असुरक्षा जैसी परिस्थितियां बच्चों के घर छोड़ने एवं गुमशुदा होने की घटनाओं को बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गुमशुदा बच्चे की त्वरित खोज एवं सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित करना समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।
संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रवीण शर्मा ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लिए दिए जा रहे जन-सुझावों में बाल सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यूसीसी में गुमशुदा बच्चों की त्वरित ट्रेसिंग, पुनर्वास, बाल तस्करी रोकथाम, अनिवार्य पारिवारिक उत्तरदायित्व एवं बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने संबंधी स्पष्ट प्रावधान शामिल किए जाने चाहिए। साथ ही प्रत्येक जिले में बाल सुरक्षा समन्वय तंत्र एवं संकटग्रस्त बच्चों के लिए त्वरित सहायता प्रणाली विकसित करने का सुझाव भी दिया गया।
बाल कल्याण समिति ने अभिभावकों से बच्चों पर सतत निगरानी रखने, उनकी मानसिक स्थिति को समझने तथा बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा एवं “गुड Touch-बैड Touch” जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां देने की अपील की। साथ ही आमजन से किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में बच्चों के दिखाई देने पर तत्काल पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना देने का आग्रह किया गया।
समिति ने कहा कि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम एवं मिशन वात्सल्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से गुमशुदा एवं संकटग्रस्त बच्चों को सुरक्षा प्रदान की जा सकती है।
इस अवसर पर समिति सदस्य मोहन मालवीय, रुचि पाटिल, स्वप्निल जैन एवं कविता पटेल उपस्थित रहीं। वहीं बाल संरक्षण अधिकारी टीका सिंह बिल्लौरे, पुष्पेंद्र मंडलोई एवं धर्मेंद्र चौहान ने भी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए बाल सुरक्षा एवं जागरूकता को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों एवं सदस्यों ने बच्चों की सुरक्षा, पुनर्वास एवं गुमशुदा बच्चों की त्वरित खोज के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।

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