
जैन साध्वियों की मौत पर फूटा समाज का आक्रोश,
निष्पक्ष जांच और ‘राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति’ की मांग,
सकल जैन समाज ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन।
खंडवा। रीवा में दो दिगम्बर जैन आर्यिका माताजी की सड़क दुर्घटना में हुई दर्दनाक मृत्यु के बाद देश भर के जैन समाज में गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है। इसी कड़ी में सोमवार को सकल जैन समाज, खंडवा ने देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक के नाम तहसीलदार महेश सोलंकी,कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण आर्य को ज्ञापन सौंपा। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि समाज ने ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने तथा देशभर में विहार रत संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस नीति बनाए जाने की मांग की।
ज्ञापन में समाज ने रीवा में हुई घटना को केवल सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे संदेहास्पद बताया है। समाज का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों और वीडियो फुटेज से घटना को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
“यह है मामला”
ज्ञापन के अनुसार, 20 मई की सुबह करीब 6:30 बजे रीवा में जैन साध्वियां निहार क्रिया से लौट रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका श्री उपशममति माताजी को टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल दोनों साध्वियों का बाद में समाधि मरण हो गया।
घटना के बाद जैन समाज में भारी रोष व्याप्त है। समाज ने आरोप लगाया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच विशेष जांच दल (SIT) अथवा न्यायिक स्तर पर कराई जानी चाहिए।
डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग
सकल जैन समाज ने प्रशासन से मांग की है कि घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो क्लिप और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित किया जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो और सच्चाई सामने आ सके।
संतों की सुरक्षा को लेकर उठीं बड़ी मांगें
समाज के प्रचारक सुनील जैन प्रेमांशु चौधरी ,चंद्रकांत सांड ने बताया कि ज्ञापन में जैन समाज ने संतों की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। समाज ने मांग की कि विहार करने वाले साधु-संतों के मार्गों पर पुलिस समन्वय, ट्रैफिक नियंत्रण, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था तथा हाईवे पर चेतावनी संकेतक लगाए जाएं।
इसके साथ ही केंद्र सरकार से “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” लागू करने की मांग करते हुए कहा गया कि पैदल विहार करने वाले संतों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा गाइडलाइन और एसओपी तैयार की जाए।
‘अति संवेदनशील’ श्रेणी में रखे जाएं ऐसे अपराध
कंट्रोल रूम में ज्ञापन सौपते हुए अभय जैन ,विकास बोथरा, वीरेंद्र जैन ,प्रेमांशु चौधरी,अशोक पालीवाल ,सुनील जैन पंकज जैन महल ने कहा कि जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक और निहत्थे होते हैं। वे आत्मरक्षा के लिए किसी साधन या वाहन का उपयोग नहीं करते। ऐसे में उनके खिलाफ होने वाले अपराधों को विशेष “अति संवेदनशील” श्रेणी में रखा जाना चाहिए।
समाज ने प्रशासन और जैन समाज के बीच बेहतर समन्वय के लिए “संत सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन सेल” गठित करने की भी मांग की, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित संपर्क और सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
“संतों की सुरक्षा देश की नैतिक जिम्मेदारी”
सुनील जैन ने बताया कि जैन समाज हमेशा से शांति, अहिंसा और कानून व्यवस्था में विश्वास रखने वाला समाज रहा है। उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।
समाज ने कहा कि जो संत स्वयं निहत्थे रहकर मानवता को अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं, उनकी सुरक्षा करना शासन और समाज दोनों की नैतिक जिम्मेदारी है। जैन समाज ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में गंभीरता दिखाते हुए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करेगा। घटना के विरोध सोमवार को 8:00 बजे घंटाघर जैन कीर्ति स्तंभ के पास बड़ी संख्या में पुरुष महिला समाजजन उपस्थित हुए और हाथों में तख्तियां बैनर लेकर शांतिपूर्ण मोहन रैली घंटाघर से बॉम्बे बाजार चौराहा,केवलराम पेट्रोल पंप चौराहा से कंट्रोल रूम पहुंची जहां ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। बड़ी संख्या में मातृ शक्ति भी उपस्थित रही इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष वीरेंद्र भटयांण,दिलीप पहाड़िया, अभय जैन संजय जैन पंकज छाबड़ा विजय सेठी नवनीत जैन, नितिन जैन,
अशोक पालीवाल,सुनील जैन,सौभाग सांड, चंद्रकांत सांड, संजय पंचोलिया,राजेन्द्र छाबड़ा,विजय जैन,विकास बोथरा,प्रेमांशु चौधरी,अविनाश जैन,तरुण जैन,प्रेमांशु जैन अधिवक्ता,माणकचंद जैन,पंकज जैन महल,विजय सेठी,डॉ सुभाष, डॉ नरेंद्र जैन देवेंद्र सराफ,चिंतामण जैन,अरुण सराफ,रोहित मेहता,मिलन जैन,संदीप जैन,चौथमल जैन,पंकज सेठी,डॉ शरद जैन,विपुल छाबड़ा,महावीर रावका,मनीष जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं मातृशक्ति उपस्थित थी। संचालन पंकज जैन महल संजय पंचोलिया ने किया एवं ज्ञापन का वाचन अध्यक्ष वीरेंद्र जैन ने किया।






