
त्रिलोक न्यूज रिपोर्टर भोपाल प्रवीण कुमार दुबे

रख-रखाव, निरीक्षण में मोबाइल एप, एआई टेक्नोलॉजी उपयोग करें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा बैठक में कहा कि गांव में सड़क जनप्रतिनिधियों से पूछकर बनाएं। उन्होंने कहा कि जिस भी गांव में सड़क का काम करना हो, उसके पहले क्षेत्रीय विधायक, जिला जनपद पंचायत के साथ ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों से प्रस्ताव लिए जाएं। उनके दिए प्रस्ताव के आधार पर ही ग्रामीण क्षेत्रों में जहां भी बसाहट है, उसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जोड़ा जाए।
सीएम ने बताया कि अब राज्य सरकार ने तय किया है कि सड़कों के निर्माण को लेकर तेजी से काम किया जाएगा और यह काम अगले तीन साल में पूरा किया जाएगा। सीएम ने कहा कि सड़कों के रख-रखाव और नियमित निरीक्षण में मोबाइल एप, जियो टैगिंग तथा एआई टेक्नोलॉजी का उपयोग कर इसे अधिक प्रभावी बनाया जाए।
सड़कों पर वर्तमान यातायात का सर्वे कर उन्नयन और लेन बढ़ाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
छोटे टोलों को जोड़ने के लिए 100 करोड़ का प्रावधान
प्रदेश की 89 हजार बसाहटों में से 50 हजार 658 बसाहटों तक रोड कनेक्टिविटी हो गई है। पीएम ग्राम सड़क योजना-4 के अंतर्गत बनने वाली 11 हजार 544 बसाहटों के लिए सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष 26 हजार 798 बसाहटों की कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार द्वारा पहल की जा रही है।
इस बार बजट में सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे मजरे टोलों को जोड़ने के लिए 100 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान भी किया है। बैठक में बताया गया कि सामान्य मरम्मत के कामों का एस्टीमेट तैयार करने और तकनीकी प्रशासकीय स्वीकृति आदि की ऑनलाइन व्यवस्था समवेग पोर्टल के माध्यम से करने की भी जानकारी दी गई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रह्लाद पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
टीम को अलर्ट मोड पर रखकर काम करें… बजट के बाद सीएम यादव ने बुधवार को पहली बार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा बैठक की। बैठक मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई। इसमें सीएम ने मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के अफसरों को बताया कि अतिवृष्टि, बाढ़ और अन्य जिन कारणों से मार्ग क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, उनका तेजी से मरम्मत कार्य किया जाए। टीम को अलर्ट मोड पर रखकर काम करें। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना की पहली सड़क मप्र के बालाघाट जिले में परसवाड़ा क्षेत्र में बनाई गई है।