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30 मार्च से चलेगा “जल गंगा संवर्धन अभियान

सभी नागरिक इस अभियान में भाग लें और इसे सफल बनाएं : कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या

30 मार्च से चलेगा “जल गंगा संवर्धन अभियान“

कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई “जल गंगा संवर्धन अभियान” की तैयारियों के संबंध में बैठक

डिंडौरी : 27 मार्च, 2025

कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने बताया कि 30 मार्च 2025 से 30 जून 2025 तक “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाया जाएगा उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में “जल गंगा संवर्धन अभियान” की तैयारियों के संबंध में बैठक ली। बैठक में डीएफओ श्री पुनीता सोनकर, सीईओ जिला पंचायत श्री अनिल कुमार राठौर, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम बजाग श्री वैधनाथ वास्निक, डिप्टी कलेक्टर श्री रामबाबू देवांगन सहित सभी संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत समेकित शासकीय पहल के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जल संसाधन विभाग, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, विद्यानिकी विभाग, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन व सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, जनसंपर्क विभाग, राजस्व विभाग, वन विभाग और जन अभियान परिषद सहभागी विभाग होंगे जो अभियान के विभिन्न कार्यों का क्रियान्वयन करेंगे।

कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने कहा कि जल संरक्षण के लिए छोटी-छोटी योजनाएं बनाकर कार्य कराया जाए। आगामी बारिश के पूर्व प्रदेश के सभी पुराने बांधों एवं जल स्त्रोतों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए। इसके लिए गत वर्ष में जिन-जिन तालाबों/ जल स्त्रोतों में क्षति हुई उनकी सूची बनाई जाए तथा उन जल स्त्रोतों का विशेष ध्यान रखा जाए। बांधों की सुरक्षा के लिए हर संभव उपाय किए जाए। जल संरक्षण एवं जल संवर्धन के इस कार्य में समाज के सभी वर्गों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, धर्म गुरूओं, मीडिया आदि का पूरा सहयोग लिया जाए।

जिला प्रशासन द्वारा “जल गंगा संवर्धन अभियान“ का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देना और नदी एवं जल स्रोतों की रक्षा करना है। यह अभियान जिलेभर में जलवायु परिवर्तन और जल संकट के मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का एक अहम कदम होगा।

कलेक्टर श्रीमती मारव्या ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न जल संकट के प्रभावों के बारे में समुदाय को जागरूक करना है। इसके अंतर्गत जलवायु परिवर्तन से होने वाले प्रभावों और जल संरक्षण के महत्व पर स्थानीय विद्यालयों, ग्राम पंचायतों और नागरिकों के बीच व्याख्यान और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।

अभियान के दौरान जिले की प्रमुख नदियों और जल स्रोतों की सफाई की जाएगी। इसके अंतर्गत स्वयंसेवी संगठनों, स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि वे इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जल बचाने के उपायों पर कार्यशालाएं और सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पानी के पुनर्चक्रण, वर्षा जल संचयन, और जल उपयोग में सुधार पर चर्चा की जाएगी। इस अभियान के दौरान, जिले के नागरिकों को सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल संरक्षण अभियानों और योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में जन जागरूकता रैलियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जल संरक्षण के महत्व को स्थानीय लोगों तक पहुँचाने के लिए पोस्टर, बैनर, और अन्य प्रचार सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जिलेभर में इसका आयोजन किया जाएगा।

कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने कहा “जल हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है। इस अभियान के माध्यम से हम सभी को जल के महत्व और उसके संरक्षण के प्रति जागरूक करना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि सभी नागरिक इस अभियान में भाग लें और इसे सफल बनाएं।“ जिससे जिले में जल संरक्षण की दिशा में भविष्य में पानी की कमी को लेकर आने वाली समस्याओं का समाधान भी हो सकेगा।

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