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न्यायालय द्वारा पिता-पुत्र को षडयंत्र पूर्वक पडोस में रहने वाली लडकी को पेट्रोल डालकर जला कर मारने पर आजीवन कारावास से किया गया दण्डित

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न्यायालय द्वारा पिता-पुत्र को षडयंत्र पूर्वक पडोस में रहने वाली लडकी को पेट्रोल डालकर जला कर मारने पर आजीवन कारावास से किया गया दण्डित
खंडवा, 22 जनवरी 2026
जिला एवं न्यायालय खंडवा के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री अनिल चौधरी की न्यायालय द्वारा जघन्य एवं चिन्हित प्रकरण में निर्णय घोषित करते हुए अभियुक्त अर्जुन पिता मांगीलाल उम्र 22 वर्ष निवासी नाहल्दा थाना कोतवाली को धारा 103 (1), 61(2) भारतीय न्याय संहिता 2023 में आजीवन कारावास एवं 20.000/- रूपये अर्थदण्ड एवं अभियुक्त मांगीलाल पिता उमराव उम्र 48 वर्ष निवासी नाहल्दा थाना कोतवाली को धारा 61(2) भारतीय न्याय संहिता 2023 में आजीवन कारावास एवं 20,000/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अभियोजन की ओर से प्रकरण का संचालन एडीपीओ श्री विनोद कुमार पटेल द्वारा किया गया। मामले की पुलिस विवेचना उप निरीक्षक अनामिका राजपूत एवं निरीक्षक अशोक सिंह चौहान थाना कोतवाली द्वारा किया गया।
उप निरीक्षक अनामिका राजपूत थाना कोतवाली को सूचना मिली कि आहत/मृतिका रक्षा आग से जलने से जिला अस्पताल खण्डवा में भर्ती है, जिस पर उनके द्वारा जिला अस्पताल खण्डवा पहुंचकर आहत रक्षा के कथन लिया गया जिसमें बताया कि दिनांक 07.10.2024 को मृतिका ने गांव के मांगीलाल चतरे के खिलाफ छेडछाड की रिपोर्ट की थी। दिनांक 12.10.2024 की सुबह करीबन 10:00 बजे घर के बाहर बने बाथरूम जा रही थी तभी अर्जुन पिता मांगीलाल चतरे उसके पास आया और बोला कि तूने उसके बाप को अंदर कराया है तुझे जान से खत्म कर दूंगा। फिर अर्जुन ने एक बाटल से मेरे शरीर पर पेट्रोल उडेल दिया मैने भागने की कोशिश की तभी उसने माचिस से आग लगा दिया जिससे मेरे शरीर में आग लग गई, मैं भागती हुई अपनी मम्मी के पास घर के अंदर गई। मम्मी उसे देखकर जोर जोर से चिल्लाने लगी तो उसके जीजू आकाश ने कंबल उढाया और आग बुझाई फिर बुआ गीता ने उसके कपडे बदले और फिर घर वाले अस्पताल लेकर आये। अर्जुन पिता मांगीलाल चतरे ने जान से मारने की नियत से उसके उपर पेट्रोल डालकर माचिस से आग लगाकर जलाया, जिससे उसका चेहरा गला, हाथ व शरीर में कई जगह जल गई। मृतिका ने जिला अस्पताल में ही रिपोर्ट दर्ज करवाई। मृतिका की ईलाज के दौरान मृत्यु हो गई। अभियुक्त अर्जुन के द्वारा जान से मारने की नियत से मृतिका के उपर पेट्रोल डालकर माचिस से आग लगाई थी और अभियुक्त मांगीलाल के द्वारा उसके लडके अभियुक्त अर्जुन को उकसाया गया था।
उप निरीक्षक अनामिका राजपूत द्वारा तुरंत देहाती नालसी/प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई माननीय न्यायालय द्वारा मृतिका रक्षा की देहाती नालसी / पुलिस रिपोर्ट एवं मृतिका के मृत्युकालिन कथन को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जिसमें घटना तथा अपराध में आरोपीगण अर्जुन एवं मांगीलाल की संलिप्तता पायी गई। प्रकरण में अनुसंधान निरीक्षक अशोक सिंह चौहान द्वारा किया गया।
संपूर्ण साक्ष्य से अभियोजन यह प्रमाणित करने में सफल रहा कि दिनांक 12.10.24 को रात के लगभग 10 बजे मृतिका रक्षा के बाथरूम से सामने ग्राम नाहल्दा में आरोपी मांगीलाल पर छेडछाड की रिपोर्ट करने से मृतिका से बदला लेने के लिये आरोपी मांगीलाल द्वारा मृतिका की हत्या करने हेतु सहअभियुक्त अर्जुन का उकसाकर तथा उसके साथ मिलकर षडयंत्र के तहत आपसी सहमति व्यक्त कर मृतिका के उपर पेट्रोल छिड़ककर उसे माचिस से आग लगाकर साशय उसकी उसकी मृत्यु कारित की है फलस्वरूप अभियुक्तगण को दोषसिद्ध पाया गया।
पुलिस अधीक्षक खण्डवा श्री मनोज राय, द्वारा समय समय पर साक्षियों को न्यायालय में उपस्थित करने हेतु अनुसंधान अधिकारी को निर्देशित किया गया, जिससे साक्षी निश्चित समय सीमा में साक्ष्य हेतु उपस्थित रहे। उप निदेशक अभियोजन श्री त्रिलोकचंद्र बिल्लौरे के निर्देशन में सहायक निदेशक/एडीपीओ श्री विनोद कुमार पटेल द्वारा अभियोजन का संचालन करते हुये 14 साक्षियों के कथन लेखबद्ध कराये गये।

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