
मदर्स डे एवं नर्स डे पर ब्रह्माकुमारीज में हुआ गरिमामय सम्मान समारोह।
खंडवा। आनंद नगर स्थित ब्रह्माकुमारीज भाग्योदय भवन में खंडवा सेवाकेंद्र प्रभारी बीके शक्ति दीदी के सानिध्य में “मदर्स डे एवं नर्स डे” के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि कार्यक्रम में अतिथि के रूप में डॉ अनीता माने, हरसूद सेवाकेंद्र प्रभारी बीके संतोष दीदी, ओंकारेश्वर सेवाकेंद्र प्रभारी बीके श्यामा दीदी, मधुबन से पधारे ब्रह्माकुमार महेंद्र भाई,एवं ब्रह्माकुमार चंद्रकांत भाई विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में शक्ति दीदी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि मां इस सृष्टि में भगवान का सबसे सुंदर स्वरूप है, जो अपने बच्चों को निस्वार्थ प्रेम, संस्कार और सुरक्षा प्रदान करती है। वहीं नर्सें सेवा, करुणा और मानवता की जीवंत प्रतिमूर्ति हैं, जो दिन-रात रोगियों की सेवा कर उन्हें नया जीवन देने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में माताओं और नर्सों का सम्मान करना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके त्याग, समर्पण और अथक सेवा के प्रति हमारी सच्ची कृतज्ञता है।
दीदी ने आगे कहा कि “कुमारी वह है जो 21 कुलों का उद्धार करे” और आज वे माताएं वास्तव में धन्य हैं जिन्होंने अपनी बेटियों को परमात्म सेवा में समर्पित किया है। ऐसी माताओं ने अपनी संतानों को ईश्वरीय कार्य में लगाकर अपने 21 कुलों का कल्याण करने का महान कार्य किया है। उन्होंने कहा कि भगवान को अपनी बेटियों को समर्पित करने वाली माताएं वास्तव में पूजनीय और गौरव की अधिकारी हैं। जिले के लगभग 50 भाई बहने समर्पित रूप से ईश्वरीय सेवाएं दे रहे हैं डॉक्टर अनीता माने ने कहा कि एक मां और एक नर्स दोनों ही सेवा, ममता और संवेदनशीलता की अद्भुत मिसाल हैं। उन्होंने माताओं एवं नर्सों के त्याग, धैर्य और समर्पण को नमन किया हरसूद सेवा केंद्र प्रभारी बीके संतोष दीदी ने कहा कि मां के चरणों में ही स्वर्ग का वास होता है। मां केवल जन्म देने वाली नहीं, बल्कि जीवन को श्रेष्ठ संस्कारों से सजाने वाली प्रथम गुरु होती है। वहीं नर्सें सेवा, त्याग और करुणा की प्रतिमूर्ति हैं, उन्होंने कहा कि जो संतान अपनी मां का सम्मान करती है और सेवा भाव को अपनाती है, उसका जीवन सदैव सुख, शांति और सफलता से भर जाता है।
ओंकारेश्वर सेवा केंद्र प्रभारी बीके श्यामा दीदी ने कहा कि मां और नर्स दोनों ही ममता, सहनशीलता और समर्पण का जीवंत स्वरूप हैं। मां जहां परिवार को प्रेम और संस्कारों से जोड़ती है, वहीं नर्सें अपने सेवा भाव और धैर्य से असंख्य लोगों के जीवन में आशा और नया उत्साह भरती हैं।
मधुबन से पधारे ब्रह्माकुमार चंद्रकांत भाई ने कहा कि आज के समय में परिवारों में संस्कारों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है और यह कार्य सबसे श्रेष्ठ रूप से माताएं ही कर सकती हैं। साथ ही उन्होंने नर्सों की सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका निस्वार्थ योगदान समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया की
मधुबन से आए ब्रह्माकुमार महेंद्र भाई ने मदर्स डे एवं नर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए मदर्स डे पर भावपूर्ण गीत प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर समर्पित ब्रह्माकुमारी बहनों की माताओं का विशेष सम्मान किया गया तथा नर्स डे के उपलक्ष्य में उपस्थित सभी नर्सों को भी सम्मानित किया गया। सभी अतिथियों एवं सम्मानित जनों को ईश्वरीय सौगात भेंट की गई तथा ब्रह्मा भोजन भी ग्रहण कराया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन पंधाना सेवा केंद्र प्रभारी बीके सुरेखा दीदी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाई-बहनों की उपस्थिति रही।











