
सैयद इसाक अली /डिंडोरी सरकार द्वारा अब 2026 में मकान मालिक और किराएदारों के लिए नए नियम बनाए गए जिससे कि मकान मालिकों की परेशानी बढ़ सकती है जो नियम इस प्रकार हे
- सिक्योरिटी डिपॉजिट की सीमा: अब मकान मालिक रिहायशी घर के लिए अधिकतम 2 महीने का किराया ही डिपॉजिट के रूप में ले सकते हैं। कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए यह सीमा 6 महीने है।
- अनिवार्य लिखित समझौता: मौखिक समझौते अब अमान्य हैं। हर रेंट एग्रीमेंट को 60 दिनों के भीतर रेंट अथॉरिटी के पास रजिस्टर करना अनिवार्य है। डिजिटल स्टैम्पिंग अब नया स्टैंडर्ड बन गई है।
- बिना नोटिस प्रवेश पर रोक: मकान मालिक को आपके घर आने से पहले कम से कम 24 घंटे का लिखित या डिजिटल नोटिस देना होगा। वे केवल सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच ही आ सकते हैं।
- किराया वृद्धि: किराया साल में केवल एक बार बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए मकान मालिक को 90 दिन पहले सूचना देनी होगी।
- अनिवार्य सुविधाएं: मकान मालिक बिजली या पानी जैसी जरूरी सेवाएं अचानक बंद नहीं कर सकता; ऐसा करने पर उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
- रिफंड नियम: किराएदार के घर खाली करते ही मकान मालिक को सुरक्षा राशि (डिपॉजिट) वापस करनी होगी। वे केवल वास्तविक नुकसान की कटौती कर सकते हैं, सामान्य टूट-फूट की नहीं।
- जुर्माना: यदि एग्रीमेंट रजिस्टर नहीं कराया गया, तो ₹5,000 तक का जुर्माना लग सकता है।












