
“खंडवा नगर के सूरजकुंड भाग में निकला बाल पथ संचलन…”
“नित्य शाखा में आने से बाल्यकाल से होता है व्यतित्व निर्माण…”
खंडवा : खंडवा के सूरजकुंड भाग में राष्ट्रीय स्वयंवेक संघ का बाल पथ संचलन निकाला गया । कार्यक्रम में अध्यक्षता कर रहे डॉ. सिद्धार्थ श्रीमाली मंचासिन रहे.
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित खंडवा जिले के जिला प्रचारक जीवन धाकड़ ने अपने बौद्धिक में संघ के शताब्दी वर्ष पर सभी बाल स्वयंसवेकों को शुभकामनाएँ देते हुए संघ स्थापना का महत्व बताते हुए कहा कि “हम बाल्य काल से ही राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं, जैसे भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप कान्हा ने धर्म एवं समाज उत्थान के लिए असुरों का वध किया माता यशोदा ने स्वयं ऐसे संस्कार देकर कृष्ण जी को पल्लवित किया, माता जीजा बाई ने बचपन से ही शिवाजी महाराज को धार्मिक शिक्षा देकर महान योद्धा बनाया जिन्होंने हिन्दुत्व स्वराज की स्थापना के लिए कार्य किया , ऐसा ही एक उदाहरण वीर हकीकत राय का है जिन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए लेकिन मुस्लिम धर्म स्वीकार नहीं किया, गुरु गोविंद सिंग जी के दोनों पुत्रों को दीवार में जिंदा चुनवा दिया गया लेकिन उन्होंने मुस्लिम धर्म स्वीकार नहीं किया…इसी प्रकार नित्य शाखा में आने से बाल स्वरूप से ही संस्कारों का रोपण होता है जहां छोटी छोटी बातों को सिखाया जाता है जैसे घर में कैसे व्यवहार करना, जूते चप्पल कैसे व्यवस्थित रखना , भोजन से पूर्व भोजन मंत्र करना, स्कूल से घर जाकर अपने कपड़ों एवं बैग को व्यवस्थित रखना आदी ऐसी छोटी–छोटी बातों से व्यक्तित्व निर्माण होता है, यही व्यक्तित्व आगे चलकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है…संघ द्वारा दिए गए पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य,पर्यावरण संरक्षण, कुटुम्ब प्रबोधन, स्वदेशी को सभी स्वयंसेवकों ने अपने परिवार एवं समाज में सक्रियता से व्यवहार में लाना है…
बौद्धिक के पश्चात विट्ठल नगर स्थित ग्राउंड से पथ संचलन प्रारंभ हुआ जिसमें सैकड़ों बाल स्वयंसेवक कदमताल करते हुए माता चौक से होकर सर्वोदय कॉलोनी, इंदिरा चौक , पंजाब कॉलोनी के मुख्य मार्गों से होते हुए पुनः कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे…






