
खंडवा में किशोर कुमार की समाधि पर दो किशोर प्रेमी एक दूसरे के हुए, समाधि पर दीखी दीवानगी।
नागपुर के मनीष और अश्विनी ने किशोर दा को साक्षी मानकर एक दूसरे को वरमाला पहनाई,
खंडवा ।। देश के महान गायक हरफनमौला कलाकार किशोर दा की 13 अक्टूबर को 38 वी पुण्यतिथि है। किशोर दा की समाधि पर देशभर के किशोर प्रेमी संगीत प्रेमी नमन और गीतों के माध्यम से श्रद्धांजलि तो देते हैं लेकिन पहली बार समाधि पर एक नई दीवानगी देखने को मिली जब किशोर प्रेमी दादा की समाधि पर एक दूसरे के हो गए। समाजसेवी और किशोर प्रेरणा मंच के प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि किशोर दा के जन्म 4 अगस्त और 13 अक्टूबर उनकी पुण्यतिथि पर दादा की जन्म स्थली खंडवा में उनकी समाधि पर देशभर से किशोर प्रेमी पहुंचते हैं। 13 अक्टूबर सोमवार को किशोर दा की पुण्यतिथि के अवसर पर एक अनोखा कार्य पहली बार समाधि स्थल पर हुआ। दो किशोर प्रेमीयो ने समाधि पर भगवान श्री गणेश की वंदना करते हुए किशोर दा को देव तुल्य मानते हुए किशोर दा की समाधि एवं प्रतिमा के सामने उन्हें साक्षी मानकर एक दूसरे के गले में माला डालकर विवाह के बंधन में बधं गए और एक दूसरे के हो गए। नागपुर महाराष्ट के रहने वाले किशोर भक्त नागपुर मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षक के रूप में कार्य करने वाले अविनाश सेकपुरे अपनी पत्नी जानकी और दोस्त मनीष के साथ पुण्यतिथि के अवसर पर खंडवा किशोर दा की समाधि स्थल पर पहुंचे जहां उन्होंने किशोर दा को शाल उड़ाकर गीतों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की वही उनकी उपस्थिति में मनीष भोयर और अश्विनी ने किशोर कुमार की समाधि स्थल पर किशोर प्रेमियों की उपस्थिति में एक दूसरे को वरमाला पहनाई। मनीष का कहना है कि हम दो वर्ष पहले दादा की समाधि पर आए थे जिसके बाद मेरी जिंदगी मेंअच्छे बदलाव देखने को मिले। तो हमने यह तय किया कि कुछ भी हो हम किशोर दा के सामने ही एक दूसरे को अपना जीवन साथी बनाकर नया जीवन शुरू करेंगे। अश्विनी ने बताया कि हम कलाकार है हम किशोर कुमार के गाने सुनते और उनके गीत गाते हे ।












