सायबर जालसाजों से सावधान रहें, बिजली बिल का भुगतान केवल अधिकृत माध्यमों से ही करें
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बिजली उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अपने बिजली बिलों का नगद भुगतान कंपनी के जोन, वितरण केन्द्र कार्यालय, पीओएस मशीन अथवा अधिकृत भुगतान केन्द्रों जैसे एम.पी.ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर पर ही करें। उपभोक्ताओं को कंपनी के पोर्टल नेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड, यूपीआई, कैश कार्ड, फोन पे, अमेजान पे, गूगल पे, पेटीएम ऐप, व्हाट्सऐप के माध्यम से भी बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
विद्युत उपभोक्ता को असमय विद्युत विच्छेदन से बचने के लिये किसी निजी मोबाइल नंबर से कॉल कर भुगतान करने के लिये कोई एसएमएस या व्हाट्सऐप जारी नहीं किया जाता है। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निर्धारित आईडी से ही एसएमएस एवं व्हाट्सऐप पर प्रेषित किए जाते हैं। उपभोक्ता किसी अन्य सेंडर आईडी अथवा निजी नंबर से आए भ्रामक मेसेज से सतर्क रहें। कंपनी अंतर्गत विद्युत देयकों के भुगतान के लिए उपभोक्ता पहचान नंबर यानि आईवीआरएस नंबर की जरूरत होती है। आईवीआरएस नंबर के आधार पर ही जोन, वितरण केन्द्रों या अन्य गेटवे एमपी ऑनलाइन, पेटीएम, फोन पे, गूगल पे. अमेजन पे, व्हाट्सऐप पे आदि पर बिजली बिलों का भुगतान होता है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान मोबाइल नंबर से आए फोन या व्हाट्सऐप मैसेज के आधार पर किसी भी मोबाइल नंबर पर देयकों की राशि अंतरित न करें। साथ ही अपना पिन नंबर भी किसी के साथ साझा न करें।
विद्युत वितरण कंपनी के संज्ञान में आया है कि सायबर जालसाजों द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को एसएमएस, व्हाट्सऐप मैसेज अथवा आई.व्ही.आर. तकनीक से फोन कॉल पर नंबर दबाने के लिये कहा जाता है। इसमें बिल भुगतान कराने के लिये भय बनाकर कि आपकी बिजली कुछ घंटों बाद काट दी जाएगी, इसके लिए बिल भुगतान करने के लिये विशेष नंबर दबाएं, मोबाइल नंबर विशेष अथवा अनजान लिंक/ऐप पर क्लिक कर या संपर्क कर बकाया राशि जमा कराएं। इस प्रकार के एसएमएस, व्हाट्सऐप मैसेज एवं आई.व्ही.आर. फोन कॉल फर्जी हैं। इन पर ध्यान नहीं दिया जाए। उपभोक्ताओं से अपील की गयी है इस प्रकार के फर्जी सायबर जालसाजों से सतर्क और सावधान रहें। सायबर फ्रॉड संबंधित किसी भी घटना की सूचना तत्काल भारत सरकार की हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराए।











