
*सद्भावना मंच द्वारा मनाई गई देवी अहिल्याबाई की जयंती*
खंडवा। उस युग में भारतीय शासन का नेतृत्व करने वाली कुछ गिनी-चुनी महिलाओं में से एक मालवा एवं निमाड़ की न्यायप्रिय महारानी अहिल्याबाई होलकर की जयंती सद्भावना मंच सदस्यों द्वारा मनाई गई। यह जानकारी देते हुए मंच के निर्मल मंगवानी ने बताया कि इस अवसर पर संस्थापक प्रमोद जैन ने कहा कि देवी अहिल्याबाई हिंदू मंदिरों की एक महान प्रवर्तक और निर्माता थीं। उन्होंने पूरे भारत में सैकड़ों मंदिर और धर्मशालाएं बनवाईं। देवी अहिल्याबाई का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के वर्तमान अहमदनगर जिले के चौंडी गांव में हुआ था। जिन्होंने 1767 से 1795 तक शासन किया। देवी अहिल्याबाई ने महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए कई कार्य किए। उन्होंने मंदिरों का निर्माण कराया और धर्म के प्रचार-प्रसार में योगदान दिया। विशेष रूप से उन्होंने मंदिरों के निर्माण और पुनर्निर्माण के अनेक कार्य किए। इस अवसर पर मंच संस्थापक प्रमोद जैन, पूर्व डीएसपी आनंद तोमर, जगदीशचंद्र चौरे, ओम पिल्लै, जीडी सराफ, अनुप शर्मा, गणेश भावसार, निर्मल मंगवानी, अर्जुन बुंदेला, कमल नागपाल, डॉ. एमएम कुरेशी, राधेश्याम शाक्य, अशोक जैन, सुभाष मीणा, पं. कृष्ण कुमार व्यास, रजत सोहनी, जयप्रकाश रेवतानी, मनीष गुप्ता, कैलाश पटेल आदि सहित बड़ी संख्या में सदस्यों ने उपस्थित होकर अपने विचारों के माध्यम से देवी अहिल्याबाई को याद किया।










