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माँ नर्मदा के जल को निर्मल एवं प्रवाह को अविरल बनाए रखने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तरीय समितियों का गठन, चौरे बने विषय विशेषज्ञ

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माँ नर्मदा के जल को निर्मल एवं प्रवाह को अविरल बनाए रखने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तरीय समितियों का गठन, चौरे बने विषय विशेषज्ञ
माँ नर्मदा के जल को निर्मल एवं प्रवाह को अविरल बनाए रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुपालन में जिला एवं विकासखंड स्तरीय अनुवीक्षण समितियों के गठन एवं उनके संचालन संबंधी कार्रवाई प्रारंभ की गई है।
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा मोहन नागर द्वारा प्रदेश के संबंधित जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर समितियों की बैठक एवं आगामी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी पत्र के अनुसार, माँ नर्मदा के जल की स्वच्छता, निर्मलता तथा उसके अविरल प्रवाह को बनाए रखने के लिए गठित इन समितियों के माध्यम से नर्मदा संरक्षण से जुड़े कार्यों की निगरानी की जाएगी। जिला एवं विकासखंड स्तर पर गठित समितियों में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा नामांकित सदस्यों को भी शामिल किया गया है। मोहन नागर ने संबंधित जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि माँ नर्मदा की निर्मलता एवं अविरलता बनाए रखने के लिए गठित समितियों की बैठक आयोजित कर आवश्यक आगामी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी, आस्था और संस्कृति की आधारशिला हैं। उनके संरक्षण के लिए शासन, प्रशासन एवं समाज की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। समितियों के सक्रिय संचालन से नर्मदा संरक्षण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी गति मिलेगी।
नर्मदा सेवा से जुड़े विषय विशेषज्ञ यशदीप चौरे ने निर्णय का किया स्वागत उल्लेखनीय है कि विषय विशेषज्ञ के रूप में नामांकित यशदीप चौरे का माँ नर्मदा की सेवा से गहरा एवं आत्मीय नाता रहा है। वे ‘नर्मदे हर अभियान’ के संयोजक के रूप में विगत कई वर्षों से माँ नर्मदा की अविरलता, शुचिता एवं पवित्रता को बनाए रखने के लिए निरंतर सकारात्मक प्रयास करते आ रहे हैं।
यशदीप चौरे ने शासन के इस महत्वपूर्ण, संवेदनशील एवं स्वागत योग्य निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि “माँ नर्मदा की अविरलता, शुचिता एवं पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने का जो भाव और संकल्प नर्मदा भक्तों के मन में वर्षों से रहा है, शासन के इस निर्णय से उसे साकार एवं मूर्त रूप प्राप्त होगा। माँ नर्मदा के संरक्षण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे नर्मदा भक्तों में नई आशा और विश्वास का संचार होगा।”
उन्होंने कहा कि नर्मदा संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नर्मदा भक्त और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिला एवं विकासखंड स्तर पर गठित समितियों के सक्रिय एवं प्रभावी संचालन से माँ नर्मदा की निर्मलता, पवित्रता और अविरलता को बनाए रखने के प्रयासों को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी। अंकेश नियुक्ति पर सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल खंडवा विधायक कंचन मुकेश तनवे, सतनाम सिंह होरा बलदेव मौर्य, अशोक पटेल लोकेंद्र सिंह गौड़ आदि ने आभार व्यक्ति किया।

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