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सामाजिक समरसता के भाव को लेकर निकली राम नवमी पर भव्य रामरथ यात्रा।

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सामाजिक समरसता के भाव को लेकर निकली राम नवमी पर भव्य रामरथ यात्रा।

श्री राम रथ यात्रा का जगह-जगह हुआ स्वागत बजरंग चौक पर हुआ समापन।

खंडवा।,,भये प्रकट कृपाला दीनदयाला कौशल्या हितकारी,, भगवान विष्णु के छटवे अवतार, प्रत्येक भारतीय के आराध्य देव भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव राम नवमी पर खण्डवा में विराट 28 वर्षों से सामाजिक समरसता के भाव को लेकर संयोजक डॉ. मुनीश मिश्रा एवं भक्तों द्वारा बडाबम स्थित राम मंदिर से भव्य राम रथ यात्रा निकाली गई। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि रथ यात्रा बडाबम प्राचीन राम मंदिर से प्रारंभ होकर कुम्हारवेडा, मालीकुंआ, बुधवारा, केवलराम चौक, बाम्बे बाजार, घंटाघर विट्ठल मंदिर से बजरंग चौक स्थित राम मंदिर में रथ यात्रा का समापन हुआ। रथ यात्रा में पुरूष श्वेत वस्र एवं महिला केसरिया वस्त्र धारण किये हुए राम भजन के साथ चल रही थी। उल्लेखनीय है कि डॉ. मिश्रा द्वारा सन १९९८ से निरंतर रथयात्रा निकाली जा रही है जिसमें सभी उत्साह से शामिल होकर प्रभु की भक्ति के साथ सामाजिक समरसता की झलक दिखाई देती है। बग्गी पर श्रीराम के चित्र के साथ पं. पुष्पहासजी महाराज मुंबई विराजमान थे। ट्राली में मानस रामायण मंडली रामायण पाठ कर रही थी।
भक्ति भाव से सराबोर रथ यात्रा का सभी धर्मों द्वारा स्वागत किया गया जिसमें बडाबम पर राजीव शर्मा परिवार, मालीकुंआ पर मुक्तिलाल नरेडी, बुधवारा में दीपू मिठाईवाले, वहीद चौधरी आदि ने रथयात्रा में श्रीराम की वंदना के साथ डॉ. मुनीश मिश्रा का पुष्पमाला से स्वागत कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। घंटाघर चौक पर कान्यकुब्ज ब्राह्मण सखी मंडल द्वारा रथ यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
रथयात्रा का बजरंग चौक स्थित राम मंदिर में समापन हुआ जहां बजरंग चौक मंडल द्वारा धर्म सभा हुई। संयोजक डॉ. मुनीश मिश्रा ने कहा कि भगवान श्रीराम ने हमेशा सत्य के मार्ग पर चलने की हमें शिक्षा दी है। रामनवमी का पर्व हमें श्रीराम के जीवन को अपने जीवन, समाज और राष्ट्र की नीति में उतारने का संदेश देता है। यदि विश्व राजनीति श्रीराम की युद्ध नीति से प्रेरणा ले, यदि लोकतंत्र श्रीराम के सुशासन से प्रेरणा ले, यदि परिवार श्रीराम के पारिवारिक मूल्यों से प्रेरणा ले और यदि समाज श्रीराम की समस्यता की भावना से प्रेरणा ले तो एक आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र की कल्पना साकार हो सकती हैं।
कथावचक पं. पुष्पहास महाराज मुंबई ने कहा कि श्रीराम के जीवन से हमें प्रेरणा मिलती है, श्रीराम भारत की आत्मा है। रामनवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के नैतिक और सांस्कृतिक पुन:जागरण का पवित्र अवसर है। हम अपने भीतर राम का निर्माण करें। जब व्यक्ति के भीतर राम का जन्म होगा, तभी समाज में रामराज्य आएगा। राम केवल इतिहास नहीं हैं. राम केवल आस्था नहीं हैं, राम मानव सभ्यता के नैतिक भविष्य का नाम हैं। यही रामनवमी का वास्तविक संदेश हैं । घर्मसभा को पंडित जी के साथ ही यात्रा संयोजक डॉक्टर मुनीष मिश्रा, शांतनु दीक्षित, लखन नागौरी ने भी संबोधित करते हुए सभी को रामनवमी की शुभकामनाएं प्रेषित की धर्म सभा का संचालन एवं आभार समाजसेवी सुनील जैन ने माना। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि पहली बार राम यात्रा में भगवान श्री राम की भूमिका में शिल्पा दुबे, सीता रश्मि दुबे, लक्ष्मण रचना दुबे, एवं बाल हनुमान के रूप में वियान त्रिवेदी शामिल रहैं, जो आकर्षण का केंद्र रहे। बजरंग चौक पर बजरंग चौक परिवार के मुकेश चौरसिया, सुनील जैन, राजू चौरसिया, पंडित नवीन शर्मा राहुल भावसार द्वारा डॉ.मुनीष मिश्रा के साथ ही सभी अतिथियों का स्वागत व सम्मान किया गया।
रथ यात्रा में डॉ. मुनीश मिश्रा, लखनलाल नागोरी, अवधेश सिसोदिया, सुभाष नागोरी, सुनील जैन, सोनू गुर्जर, उत्तमपालसिंह, प्रतिभा रघुवंशी, गुरमीतसिंह उबेजा, सुनील बंसल, सुनील मिश्रा, डॉ संजय श्रीवास्तव, किशोर गुप्ता, कुंदन मालवीय, वहीद चौधरी, देवेन्द्र जैन, जगदीशचंद चौरे, सुनील मिश्रा, शैलेष पालीवाल, चंद्रशेखर मिश्रा कड़वा पटेल, सुनील चंदेल, नवनीत शुक्ला, राजू बडूर, संदेश तिवारी, प्रशांत मिश्रा, सुभाष शर्मा, रामचंद्र मौर्य, दीपक मल्लू दीपक राठौर, शरद खंडेलवाल, राजेंद्र बंसल , आदि सहित मातृ शक्ति डॉ. शुभांगी दवे मिश्रा, अंजना शुक्ला, प्रमिला शर्मा, अन्नपूर्णा तंवर अंजली कानूनगो, विनीता पाठक, प्रीति मिश्रा, सीमा अवस्थी, सुनीता शुक्ला, उपासना तिवारी, वंदना चतुर्वेदी, मधु दुबे, मंगला तिवारी, नम्रता शुक्ला, सीमा गुरू, प्रीति मिश्रा, दीपामाला पांडे, बरखा पांडे, रिंकू शर्मा, राजमाला आर्य, राखी तिवारी सहित कान्यकुब्ज सखी मंडल की महिलाओं सहित मातृ शक्ति शामिल थी।

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