
बाल कल्याण समिति का खोया-पाया केंद्र बना सेवा का संगम।
गुरुपूर्णिमा मेले में 100 से अधिक गुमशुदा महिला, पुरुष एवं बच्चों को सुरक्षित परिजनों से मिलाया।
खंडवा। दादाजी धाम में आयोजित गुरुपूर्णिमा महोत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के बीच बाल कल्याण समिति, खंडवा द्वारा दादाजी मंदिर के गेट क्रमांक-1 के सामने स्थापित खोया-पाया केंद्र मानव सेवा का केंद्र बनकर उभरा। दो दिवसीय सेवा अभियान के दौरान भीड़ में अपने परिजनों से बिछड़े 100 से अधिक महिला, पुरुष एवं बच्चों को सुरक्षित खोजकर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। इस मानवीय पहल की श्रद्धालुओं ने मुक्त कंठ से सराहना की।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि गुरुपूर्णिमा के अवसर पर देशभर से लाखों श्रद्धालु परिवार सहित दादाजी धाम पहुंचे। अत्यधिक भीड़ के कारण अनेक बच्चे, महिलाएं एवं पुरुष अपने परिजनों से बिछड़ गए। ऐसी स्थिति में बाल कल्याण समिति, विशेष किशोर पुलिस इकाई एवं पुलिस विभाग ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए सभी गुमशुदा व्यक्तियों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाने का कार्य किया।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने दो दिवसीय सेवा अभियान के दौरान केवल दादाजी धाम स्थित खोया-पाया केंद्र ही नहीं, बल्कि खंडवा रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर भी सतत निगरानी रखी। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर तैनात टीमों से लगातार समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया कि कोई भी बच्चा, महिला अथवा पुरुष सहायता से वंचित न रहे और प्रत्येक गुमशुदा व्यक्ति को शीघ्र उसके परिजनों से मिलाया जा सके।
प्रवीण शर्मा ने कहा कि “धार्मिक आयोजनों में मानव सेवा ही सबसे बड़ी साधना है। किसी बिछड़े हुए बच्चे या व्यक्ति को उसके परिवार से मिलाना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना का सर्वोच्च कार्य है।” उन्होंने यह भी घोषणा की कि गुरुपूर्णिमा महोत्सव के दौरान समर्पण भाव से सेवाएं देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों एवं स्वयंसेवकों का बाल कल्याण समिति द्वारा सम्मान किया जाएगा। सुनील जैन ने बताया कि सेवा अभियान में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के साथ सदस्य मोहन मालवीय, रुचि पाटिल, स्वप्निल जैन एवं कविता पटेल सक्रिय रहे। पुलिस विभाग से डीएसपी अनिल चौहान, विशेष किशोर पुलिस इकाई प्रभारी सुनीता जोसफ, आरक्षक शर्मिला मोरे एवं सूरज पाटिल ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। वहीं सपोर्ट पर्सन दीपक लाड़, गौरव दफ्तरी, मयूर चौरे, जय पंवार, पुष्पा कनोजिया एवं निखिल सांवले ने भी दो दिनों तक निरंतर सेवाएं देकर गुमशुदा महिला, पुरुष एवं बच्चों को सकुशल उनके परिजनों से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्रद्धालुओं ने बाल कल्याण समिति एवं पुलिस विभाग की इस संयुक्त पहल की सराहना करते हुए कहा कि विशाल धार्मिक आयोजनों में इस प्रकार के खोया-पाया केंद्र श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, विश्वास और मानवीय संवेदना का सशक्त माध्यम बनते हैं। गुरुपूर्णिमा महोत्सव में बाल कल्याण समिति का यह सेवा अभियान सामाजिक उत्तरदायित्व, समर्पण और जनसेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।








