
*काम की तलाश में मुंबई जा रहे 16 वर्षीय किशोर को आरपीएफ ने बचाया, बाल कल्याण समिति ने परिजनों से मिलवाया*
खंडवा
पंजाब के संगरूर जिले का लगभग 16 वर्षीय किशोर परिवार की आर्थिक तंगी के कारण बिना बताए ट्रेन क्रमांक 11058 से मुंबई काम की तलाश में जा रहा था। पिता मजदूरी करते हैं, जबकि माता घरेलू कार्य करती हैं। बेटे के लापता होने पर पंजाब पुलिस लगातार मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर उसकी तलाश में जुटी रही।
खंडवा रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सतर्कता दिखाते हुए किशोर को ट्रेन से सुरक्षित उतारकर बाल कल्याण समिति, खंडवा के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने सदस्यों मोहन मालवीय, रुचि पाटिल, स्वप्निल जैन एवं कविता पटेल की उपस्थिति में किशोर की मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की। बातचीत में किशोर ने बताया कि वह परिवार की आर्थिक मदद के लिए मुंबई जा रहा था। समिति ने उसे भयमुक्त वातावरण में समझाइश देकर परिवार और शिक्षा के महत्व से अवगत कराया।
सूचना मिलने पर किशोर के माता-पिता पंजाब से टैक्सी से खंडवा पहुंचे। अपने इकलौते पुत्र के सुरक्षित मिलने पर पिता भावुक हो उठे। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद बाल कल्याण समिति ने किशोर को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।
एक्सपर्ट व्यू : बाल कल्याण समिति अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा, “अधिकांश बच्चे जिद से नहीं, बल्कि भावनात्मक दबाव और परिस्थितियों के कारण घर छोड़ते हैं। ऐसे बच्चों को डांट नहीं, बल्कि संवेदनशील संवाद और मनोवैज्ञानिक परामर्श की आवश्यकता होती है। संवेदनशील संवाद ही वह पुल है, जो बच्चे को फिर से परिवार और समाज की मुख्यधारा से जोड़ देता है।”








