
वीर बाल दिवस पर बच्चों ने सीखा साहस, संस्कार और राष्ट्रप्रेम का पाठ
चित्रकला प्रतियोगिता के माध्यम से नन्हे मनों में जगा आत्मबल
खंडवा।
साहिबजादा जोरावर सिंह एवं साहिबजादा फतेह सिंह के अमर बलिदान की स्मृति में 26 दिसम्बर को मनाए गए वीर बाल दिवस के अवसर पर सिहाड़ा संकुल अंतर्गत शासकीय माध्यमिक विद्यालय पिपल्यातहार देशभक्ति और संस्कारों से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम ने बच्चों के मन में साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम के बीज बोने का कार्य किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साहिबजादों की प्रेरक गाथा सुनाई गई। नन्हे साहिबजादों के अद्भुत साहस और अडिग संकल्प की कथा सुनकर विद्यार्थियों के चेहरों पर गौरव और आत्मविश्वास स्पष्ट दिखाई दिया। बच्चों ने जाना कि विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य, धर्म और देश के लिए डटे रहना ही सच्ची वीरता है।
विद्यालय परिसर में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता बच्चों के लिए आत्म-अभिव्यक्ति का सशक्त मंच बनी। रंगों के माध्यम से बच्चों ने राष्ट्रप्रेम, सेवा, त्याग और मानवीय मूल्यों को उकेरा। उत्कृष्ट कृतियों के लिए चयनित विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों का उत्साह और आत्मबल और अधिक बढ़ा।
इस अवसर पर न्यायपीठ बाल कल्याण समिति खंडवा के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि वीर बाल दिवस बच्चों को केवल इतिहास नहीं, बल्कि जीवन मूल्य सिखाता है। उन्होंने कहा कि साहस के साथ करुणा और संस्कार जुड़े हों, तभी एक सशक्त और संवेदनशील समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों के संरक्षण, अधिकार और संस्कार निर्माण हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में शिक्षिका हर्षा शर्मा, शिक्षक श्री गिरीश सोनकरे, श्री ब्रजपाल सिंह तंवर, सुश्री आकांक्षा जोशी सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। आयोजन ने बच्चों के मन में आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक दायित्व की भावना को गहराई से स्थापित किया।













