
आचार्य विभव सागर जी महाराज संघ सहित पधारे खंडवा में।
अचार्य संघ के प्रवचनों एवं अनुष्ठानों से खंडवा में नगर में बहेगी धर्म की गंगा।
खंडवा। धार्मिक प्रभावना के लिए हर्ष का विषय हें की दिगंबर जैन संतों का आगमन दादा जी की नगरी खंडवा में बुधवार को हुआ। परम पूज्य समाधि सम्राट गणाचार्य श्री १०८ विरागसागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य तेरी छत्रछाया भगवान मेरे सिर पर हो समाधि भक्ति के रचयिता श्रमणाचार्य श्री 108 विभवसागर जी महामुनिराज सहित कुल 21 साधुओं का जिसमे महाराज जी ,ऐलक जी,आर्यिका माताजी, छूल्लिका माताजी शामिल है, का मंगल विहार इंदौर से पुसेगाँव (महाराष्ट्र की ओर) चल रहा है गुरुवार को खंडवा पहुंचे समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि साधु संत चलते-फिरते तीर्थ के समान होते हैं संतो के माध्यम से तीर्थ का आगमन खंडवा में हुआ है सभी सामाजिक बंधु धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होकर पुण्य प्राप्त करें। संघ में आचार्य श्री विभव सागर जी महामुनिराज.श्रमण मुनि श्री अध्ययन सागर जी , आवश्यक सागर जी ,शुद्धात्म सागर जी,सिद्धात्म सागर जी, सुख सागर जी, विहार सागर जी,श्रमणी आर्यिका अद्योम् श्री माताजी, चर्याश्री माताजी,सत्यार्थश्री माताजी,विदर्शश्री माताजी सहित छूळलिका माताजी शामिल है। 11 दिसंबर गुरुवार को आचार्य श्री विभव सागर महाराज जी ससंघ का मंगल प्रवेश धर्म नगरी खंडवा में हुआ, मुनि सेवा समिति के प्रचार मंत्री सुनील जैन प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि आचार्य संध का मंगल प्रवेश इंदौर रोड से मेनहॉस्पिटल ,घंटाघर,
श्री महावीर जिनालय घासपुरा ,श्री पार्श्वनाथ पोरवाड दिगंबर जैन मंदिर सराफा होते हुए श्री पोरवाड़ दिगंबर जैन धर्मशाला पहुंचे वहां पर आचार्य श्री जी के मंगल प्रवचन हुए, आचार्य श्री जी की शीतकालीन वाचना धर्म नगरी खंडवा में संपन्न होगी, इस अवसर पर समाज के चिंतामण जैन, वीरेंद्र जैन ,कांतिलाल जैन ,दीपक सेठी, सुभाष सेठी ,पंकज सेठी, मनीष सेठी ,कैलाश पहाड़िया,पंकज जैन महल, अविनाश जैन ,अर्पित जैन, मनीष जैन, तपिश जैन ,सौरभ जैन, गौरव जैन, दीपांशु जैन, सुनील जैन पत्रकार ,प्रेमांशु चौधरी आदि सभी उपस्थित थे।








