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दादाजी धूनीवालेजी की बरसी पर 108 दीपों से हुई बड़ी आरती महाराष्ट्र व प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं ने समाधि पर नवाए शीश।

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दादाजी धूनीवालेजी की बरसी पर 108 दीपों से हुई बड़ी आरती महाराष्ट्र व प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं ने समाधि पर नवाए शीश।

खंडवा। श्री धूनीवाले दादाजी दरबार में मंगलवार को बड़े दादाजी श्री केशवानंद महाराज के 95 वीं बरसी उत्सव पर हजारों श्रद्धालुओं ने समाधि पर शीश नवाए। दिन भर खंडवा एवं बाहर से आए श्रद्धालुओं ने भजलो दादाजी का नाम भजलो हरिहर जी का नाम के उद्घोष के साथ बड़े दादाजी छोटे दादा जी के चरणों में नमन कर सभी के कल्याण हेतु धुनी माई में आहुति पेश कर हवन किया । समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट की ओर से दादाजी की बरसी को लेकर श्रद्धालुओं के लिए दर्शन एवं प्रसादी की व्यवस्था की गई थी। मंगलवार को सुबह से देर रात्रि तक श्रद्धालु दादाजी धाम पहुंचकर दर्शन कर रहे थे। दादाजी धाम पर रात 8. बजे 108 दीपों से आयोजित महा आरती में बड़ी संख्या में दादाजी भक्त शामिल हुए। मंदिर पर निशान भी चढ़ाए गए। बरसी उत्सव पर महाराष्ट्र व गुजरात से भी श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। मंदिर ट्रस्ट की ओर से सुबह बड़े दादाजी व छोटे दादाजी के समाधि मंदिर पर निशान चढ़ाए गए। बाहर से आए श्रद्धालुओं ने दादाजी की अमूल्य धरोहर के भी दर्शन किए। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि मंगलवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में दादाजी दरबार में उत्सव की शुरुआत हुई। तड़के 3.30 से 4.30 बजे तक समाधि का नर्मदा व गंगाजल से स्नान हुआ। 5 बजे आरती हई और 6 बजे भोग लगाया गया। सुबह 8 से 9.30 बजे तक आरती व दादा नाम से मंदिर परिसर गूंज उठा। सुबह 10 बजे समाधि पर चादर चढ़ाकर श्रृंगार किया गया। दोपहर 3.30 बजे दूध, दही, शकर व घी से समाधि का अभिषेक हुआ। शाम 5 बजे आरती के बाद 6.30 बजे सत्यनारायण भगवान की कथा हुई। रात 8.बजे 108 दीपों से बरसी उत्सव की विशेष आरती की गई। रात 10 बजे समाधि सेवा के बाद मध्यरात्रि 12 बजे बड़े हवन का आयोजन हुआ। दादाजी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए भंडारा भी आयोजित हुआ। हरिहर भवन में भी पत्तल पर श्रद्धालुओं को भोजन कराया गया। पटेल सेवा समिति की ओर से भी बरसी पर पूजन नेवेद के साथ भोजन प्रसादी का आयोजन हुआ। मंदिर ट्रस्ट की ओर से सुबह ट्रस्ट प्रसादालय में और रात में मंदिर परिसर के पीछे मैदान में भंडारा आयोजित हुआ।

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