
बाल कल्याण समिति खंडवा की पहल: पांच दिन के संरक्षण के बाद मूकबधिर बालिका परिवार से मिली।
खंडवा।न्यायपीठ बाल कल्याण समिति खंडवा द्वारा पुलिस प्रशासन एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के संयुक्त प्रयासों से घर से भटककर खंडवा पहुंची 17 वर्षीय मूकबधिर नाबालिग बालिका को उसके परिजनों से मिलवा दिया गया। पांच दिनों तक बालिका को समिति के संरक्षण में सुरक्षित रखा गया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि मूकबधिर होने के कारण बालिका अपनी पहचान नहीं बता पा रही थी। वहीं उसकी माता भी मूकबधिर होने से पहचान स्थापित करने में कठिनाई आई। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद तिरतड़े, रामनगर चौकी प्रभारी राजू पाटिल तथा ट्रांसलेटर अंजलि शिंदे के सहयोग से सांकेतिक भाषा के माध्यम से काउंसलिंग की गई, जिससे पता चला कि बालिका महाराष्ट्र के अमरावती जिले की निवासी है। सुनील जैन ने बताया कि
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में आवश्यक काउंसलिंग, सत्यापन एवं वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर बालिका को सुरक्षित रूप से परिजनों के सुपुर्द किया गया। इस दौरान समिति सदस्य मोहन मालवीय, रुचि पाटिल, स्वप्निल जैन एवं कविता पटेल ने भी सहयोग प्रदान किया।
प्रवीण शर्मा ने कहा, “हमारा प्रयास केवल बच्चों को संरक्षण देना नहीं, बल्कि उनके चेहरे पर सुरक्षा और विश्वास की मुस्कान लौटाना है। न्यायपीठ बाल कल्याण समिति समाज के हर बच्चे तक सुरक्षा, स्नेह और मुस्कान पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है।”













