
बड़े दादाजी की बरसी 2 दिसंबर मंगलवार को, दादाजी धाम पर पहुंचकर श्रद्धालु करेंगे नमन।
खंडवा। दादाजी धाम में 2 दिसंबर मंगलवार को बड़े दादाजी की बरसी मनाई जाएगी। 13 दिसंबर 1930 बुधवार अगहन सुदी शुक्ल त्रयोदशी की तिथि में अंतिम महाआरती करके दादाजी को विदाई दी गई थी।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि प्रतिवर्ष अगहन शुक्ल की तेरस के दिन दादाजी की बरसी कार्यक्रम आयोजित होता है। बड़ी संख्या में दादाजी भक्त दादाजी धाम दर्शन करने पहुंचते हैं। बड़े दादाजी की बरसी पर प्रात: 4 बजे गंगा जल- नर्मदा हल से समाधि स्नान, प्रात: 5 बजे मंगल आरती, प्रात: 8 बजे आरती, प्रात: 9.30 बजे सेवा होगी।
विशेष रूप से दोपहर 3 बजे सेवादारों एवं श्रद्धालुओं द्वारा दादाजी की समाधि पर अभिषेक एवं पंचामृत से स्नान एवं मालिश, सायं 05 बजे छोटी आरती, सायं 06 से 07 बजे सत्यनारायण कथा, रात्रि 8 बजे महाआरती, रात्रि 10 बजे सेवा पश्चात बड़ा हवन आयोजित होगा। बड़े दादाजी स्वामी केशवानंदजी महाराज अपने भक्तों व साधु संतों के साथ खंडवा में विराजित थे। शाम का वक्त था। दादाजी महाराज ने थोड़ी सी मूंग दाल की खिचड़ी खाई और तख्त पर लेट गए थे। अगले दो दिन दशमी और एकादशी ऐसे ही बीती। तेरस के दिन कैलाशपति केशवानंद जी महाराज इहलोक त्यागकर कैलाश गमन हो गया था।
देशभर में यह खबर फैल गई थी। जिस जगह दादाजी ने अपनी यात्रा को विश्राम दिया, उस निजी भूमि को छोटे दादाजी महाराज ने रातोंरात खरीद कर समाधि की तैयारी की। 3 दिसंबर 1930 दिन बुधवार अगहन सुदी त्रियोदषी की तिथि में अंतिम महाआरती करके दादाजी को विदाई दी गई थी।











