
“खंडवा नगर के रामेश्वर भाग में निकला बाल पथ संचलन…”
“नित्य शाखा में आने से बाल्यकाल से होता है व्यतित्व निर्माण…”

खंडवा : खंडवा के रामेश्वर भाग में राष्ट्रीय स्वयंवेक संघ का बाल पथ संचलन निकाला गया । कार्यक्रम में अध्यक्षता कर रहे अमर जैन एवं नगर संघ चालक नवनीत अग्रवाल मंचासिन रहे.
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित खंडवा जिले के जिला प्रचारक जीवन धाकड़ ने अपने बौद्धिक में संघ के शताब्दी वर्ष पर सभी बाल स्वयंसवेकों को शुभकामनाएँ देते हुए संघ स्थापना का महत्व बताते हुए कहा कि “बाल स्वयंसेवकों को अपने दैनिक जीवन में रोजाना वीर महापुरुषों का ध्यान करना चाहिए और उनकी सीख को अपने जीवन में उतारना चाहिए, बाल्यकाल से ही स्वदेशी विचार का पालन किस प्रकार हो सकता है , अपने दैनिक कार्य में सुबह 6:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक कितना स्वदेशी का पालन कर सकते हैं पेस्ट से लेकर अन्य छोटी-छोटी वस्तुओं का अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी का उपयोग हो, सप्ताह में एक बार हमारी वेशभूषा हिंदू परंपरा अनुसार हम पालन कर सकते हैं , क्या हमारे सभी मित्रों को साथ लेकर सामूहिक प्रयास कर सकते हैं, क्या पर्यावरण को लेकर जागरूकता प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना, जल बचाना, नहाते समय शावर का उपयोग नहीं करना बाल्टी का उपयोग करना पानी का उपयोग कितना करना है, आज भी भारत के कई हिस्सों में पानी की बहुत बड़ी कमी है इसलिए पानी बचाना, कितने वस्त्र उपयोग करना, जरूरतमंदों को वस्त्र देना ऐसी छोटी-छोटी बातों से ही व्यक्तित्व बनता है, नागरिक शिष्टाचार को लेकर भी कुछ बातें बाल स्वयंसेवक के बीच रखी गई जिसमें शताब्दी वर्ष में हम स्वयंसेवक के नाते किन-किन बातों का पालन कर सकते हैं, गाड़ी साइकिल को पार्किंग की जगह पर ही रखना, डस्टबिन के अलावा अन्य जगह कचरा नहीं फेंकना, राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्र गान का आदर सम्मान करना आदि… अंत में कुछ संकल्प लिए गए जिसमें, मैं प्लास्टिक का उपयोग आज से नहीं करूंगा, पानी कहीं व्यर्थ नहीं जाने दूंगा, जरूरतमंद लोगों की सहायता करूंगा, मेरी दैनिक जीवन में जो पढ़ाई है उसमें मैं उत्तीर्ण होकर आऊंगा, ऐसा भी एक संकल्प बाल स्वयंसवेकों के बीच में रखा गया…
नित्य शाखा के संस्कारों से ही धीरे-धीरे परिवार खड़ा होता है , परिवार से एक बस्ती खड़ी होती है, बस्ती से एक अच्छा शहर खड़ा होता है और इस शहर के अनुसार एक देश खड़ा होता है जहां एक सभ्य समाज का निर्माण होता है…
बौद्धिक के उपरांत उत्कृष्ट स्कूल ग्राउंड से बाल पथ संचलन प्रारंभ हुआ जिसमें सैकड़ों बाल स्वयंसेवक कदमताल करते हुए इमली पुरा, रमा कॉलोनी , लाल चौकी होते हुए गंगराड़े धर्मशाला में सम्पन्न हुआ…













