
त्रिलोक न्यूज़ मध्य प्रदेश सहायक प्रमुख प्रवीण कुमार दुबे 8839125553
भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (BU) में पीएम उषा परियोजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों का भूमि पूजन और दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए।
अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार और विशिष्ट अतिथि के तौर पर राज्य मंत्री कृष्णा गौर मौजूद रहीं। कुलगुरु प्रो. एस.के. जैन ने कहा कि यह अवसर विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. शशांक शेखर ठाकुर ने बताया कि नए सत्र में 14 सौ के करीब स्टूडेंट ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
मुख्यमंत्री ने जब कुलगुरु से पूछा कि क्या विद्यार्थियों के लिए बस की सुविधा उपलब्ध है, तो छात्रों ने एक स्वर में “नहीं” कहा। इस पर मुख्यमंत्री ने कुलगुरु को निर्देश दिए कि जिन छात्रों को बस सुविधा की आवश्यकता है, उन्हें यह सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सामूहिक रूप से छात्रों के साथ सफर करने का अनुभव अलग ही आनंद देता है और सरकार इसे सुनिश्चित करेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थी केवल डिग्री तक सीमित न रहें, बल्कि अपने माता-पिता, परिवार और समाज का मान-सम्मान बढ़ाने का सपना देखें। सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हमारे विद्यार्थी नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने चाहिए।
एमपी के कॉलेज भाषा के नाम तोड़ेंगे नहीं जोड़ेंगे उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार गरीब और साधारण परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश देश का ‘हृदय प्रदेश’ है, इसलिए हमारी जिम्मेदारी और भी बड़ी हो जाती है। हम उन ताकतों को विफल करेंगे जो भाषा के नाम पर देश को बांटने की कोशिश कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में देश की सभी प्रमुख भाषाओं को जोड़ने की पहल की जाएगी। हर भाषा को एक-एक विश्वविद्यालय से जोड़ा जाएगा और इसे क्रेडिट आधारित शिक्षा से जोड़ा जाएगा। मंत्री परमार ने कहा कि हमने सभी भाषाओं को पढ़ाने का संकल्प लिया है। आने वाले समय में भाषाएं जोड़ने का काम करेंगी और मध्यप्रदेश पूरे देश को यह संदेश देगा कि विविधता में ही एकता की ताकत है।
बीयू के विस्तार के लिए मिले 100 करोड़ रुपए प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) योजना के अंतर्गत बरकतउल्ला विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से 55 करोड़ रुपए इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिनोवेशन के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस राशि में 37 करोड़ रुपए नव-निर्माण कार्यों पर खर्च होंगे, जिनमें 12 करोड़ रुपए कन्या छात्रावास के लिए, 18 करोड़ रुपए आई.टी. पार्क के लिए और 8 करोड़ रुपए एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट के लिए स्वीकृत हुए हैं।
वहीं, 18 करोड़ रुपए विभिन्न रिनोवेशन कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। इसमें सबसे महत्वपूर्ण परियोजना सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी लैब की स्थापना है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय परिसर में सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे ग्रीन आइडिया भी लागू किए जाएंगे, ताकि कैंपस को पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा-सक्षम बनाया जा सके।

बड़े तालाब में शिकारे चलाएंगे मुख्यमंत्री ने बताया कि भोपाल के बड़े तालाब को कश्मीर की झील की तरह विकसित करने की योजना तैयार की गई है। यहां शिकारे चलाए जाएंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार सभी सेक्टर में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और शिक्षा व रोजगार से जुड़ी योजनाओं के लिए संसाधनों में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में रोजगारोन्मुखी कोर्स खोले जाएंगे और उन्हें तुरंत स्वीकृति दी जाएगी।













